ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: निर्भया की मां आशा देवी से वकील इंदिरा जयसिंह ने अपील करते हुए कहा कि, वह उनकी बेटी के बलात्कारियों को माफ कर दे और फांसी को रोक दे, इस अपील में वकील जयसिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि, सोनिया गांधी ने भी राजीव गांधी के हत्यारों को माफ कर दिया था। और ठीक ऐसा ही उदाहरण आसा देवी को पेश करना ताहिए बतादें कि, सोनिया गांधी ने अपने पति के हत्या के दोषी नलिनी की मौत की सजा माफ कर दी थी।
जयसिंह पर आशा देवी का हमला
इस दौरान वकील जयसिंह ने कहा कि वहा निर्भया की मां आसा देवी के दर्द और वेदना समझती हैं लेकिन वह मृत्युदंड के खिलाफ हैं तो दूसरी तरफ निर्भया की मां आशा देवी ने भी वकील की अपील पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, वकील जयसिंह उन्होें माफी के सजा देने वाली कौन होती हैं। जयसिंह जैसे ही लोगों के कारण रेप पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल पाता है।
#WATCH Asha Devi, mother of 2012 Delhi gang-rape victim: Till now, I never talked about politics, but now I want to say that those people who held protests on streets in 2012, today the same people are only playing with my daughter's death for political gains. pic.twitter.com/FvaC89TwKI
— ANI (@ANI) January 17, 2020
जानिए कब होगी फांसी
बता दें कि, दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने आदेश देते हुए चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। निर्भया के चोरों कातिलों को 1 फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा, साथ ही राष्ट्रपति ने भी उसकी दया याचिका खारिज कर दी है जिसके बाद इन दोषियों को 1 फरवरी को फांसी देने की नई तारीख मुकर्रर की गई है।
Asha Devi on senior lawyer Indira Jaising's statement 'follow Sonia Gandhi's example and forgive convicts': Who is Indira Jaising to give me such a suggestion?Whole country wants the convicts to be executed. Just because of people like her, justice is not done with rape victims. pic.twitter.com/k3DfgRQio3
— ANI (@ANI) January 18, 2020
कब हुआ था निर्भया केस
6 दिसंबर,2012 को दिल्ली के मुनीरका में 6 लोगों ने चलती बस में निर्भया से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। वारदात के वक्त पीड़िता का दोस्त भी बस में ही मौजूद था। इस दौरन दोषियों ने निर्भया के दोस्त के साथ भी मारपीट की थी।

