Ludhiana Girl Trafficking Racket:
लुधियाना में नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त के मामले में चौंकाने वाले खुलासा हुआ हैं। पुलिस जांच के दौरान एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध भूमिका सामने आई। इसके तार जालंधर तक जुड़े होने की आशंका है। पुलिस रिमांड में आरोपी बीएएमएस डॉ. मनमीत कौर ने कथित रूप से स्वीकार किया- कि वह पहले भी दो बच्चों का सौदा करा चुकी है। मामले में अब तक बच्ची की मां, उसकी सहेली और डॉक्टर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं एक आशा वर्कर, एक नर्स और उसका सहयोगी अभी फरार हैं।
दो लाख दस हजार में सौदा –
जांच में सामने आया कि अस्पताल से शुरू होकर मोगा और अमृतसर होते हुए लुधियाना तक सौदे की कड़ीयाम पहुंची है। बिचौलियों के जरिए मोगा निवासी महिला को बच्ची बेचने की बात तय हुई थी। दो लाख दस हजार रुपये में सौदा तय हुआ। जिसमें डेढ़ लाख रुपये मां को और 60 हजार रुपये अन्य आरोपियों में बांटने थे। सौदा एक पार्क में होना था, लेकिन पुलिस ने समय रहते गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
मां ने अपनी बेटी का 2 लाख 10 हजार में किया सौदा-
पुलिस ने इस मामले में बच्ची की मां सुनीता रानी, खरीदार और डॉक्टर सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, थानेदार गुरमेल सिंह 15 फरवरी को टीम के साथ इलाके में गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बाबा थान सिंह चौक स्थित अरोड़ा नर्सिंग होम में 14 फरवरी को जन्मी एक बच्ची को बेचने की तैयारी चल रही है। सूचना थी कि मां ने अपनी बेटी का सौदा 2 लाख 10 हजार रुपये में तय किया है।
आरोपी नीली झंडा रोड स्थित पार्क के पास सौदे की रकम लेकर इकट्ठा हुए हैं। पुलिस ने यहां रेड कर सभी को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि महिला सुनीता रानी की पहले से चार बेटियां हैं। 14 फरवरी को उसने एक और बेटी को जन्म दिया था और उसी बच्ची को बेचा जा रहा था।



