कपूरथला 12 जुलाई
कपूरथला के डाला गांव की अनाज मंडी में हुई फायरिंग के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। घायल युवक को अस्पताल ले जाने वाले डाला गांव के निवासी तरसेम सिंह के बेटे करनदीप सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष नरिंदर सिंह खिंडा और सुल्तानपुर लोधी पुलिस स्टेशन के SHO सब-इंस्पेक्टर दविंदर पाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। आज सुल्तानपुर लोधी के श्री गुरु नानक देव जी प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए करनदीप सिंह भावुक हो गए और कहा कि जिस रात डाला गांव की अनाज मंडी में फायरिंग की घटना हुई, उस समय वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त मनदीप ने उन्हें फोन करके बताया था कि उनके एक रिश्तेदार को गोली लग गई है और उन्हें अस्पताल ले जाना है।
उन्होंने कहा कि वे और उनके दोस्त घायल व्यक्ति को सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी ले गए, जहां डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें जालंधर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
करनदीप सिंह ने आरोप लगाया कि अगले दिन रात करीब 8 बजे पुलिस ने उनके एक दोस्त के ज़रिए उन्हें डाला पुलिस चौकी बुलाया। वहां, गांव के कुछ लोगों – नरिंदर सिंह खिंडा, ओंकार सिंह और एक आढ़ती – के कहने पर पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई की। करनदीप सिंह ने कहा कि उनसे एक बयान पर हस्ताक्षर भी करवाए गए, जबकि फायरिंग की घटना के समय वे मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को बचाने और दूसरों को फंसाने के लिए उनके बयानों में हेरफेर की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें डराया-धमकाया गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया।करनदीप सिंह ने कहा कि वे न्याय की मांग को लेकर मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके खिलाफ कोई गैर-कानूनी मामला दर्ज किया जाता है, तो इसकी ज़िम्मेदारी डाला चौकी और सुल्तानपुर लोधी पुलिस की होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें अब पुलिस की किसी भी तरह की बदमाशी से डर लगता है। लेकिन वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट भी जाएंगे।
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