Jalandher Nakodar Encounter:
जालंधर जिले में नकोदर पुलिस ने विदेशी गैंग के नाम पर दी जा रही धमकियों से जुड़े जबरन वसूली और फायरिंग की साजिश को नाकाम किया। इसमें दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी शिकायतकर्ता के दफ्तर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने और दोबारा वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। शिकायतकर्ता मनीष बख्शी को 11 नवंबर को विदेशी नंबरों से कॉल आया। कॉलर्स ने खुद को गोल्डी बराड़ और रोहित गोधरा गैंग का सदस्य बताते हुए पांच करोड़ की रंगदारी मांगी। इस पर थाना सिटी नकोदर में शिकायत दर्ज हुई। 16-17 जनवरी की रात उन्हें धमकी भरे संदेश आए कि रकम न देने पर उनके ऑफिस के बाहर फायरिंग की गई है।
आरोपियों ने पुलिस पर की फायरिंग-
एसएसपी जालंधर ग्रामीण एस. हरविंदर सिंह विर्क के निर्देश पर डीएसपी ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी इंदरजीत सिंह सैनी, सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर पुष्प बाली, एसआई हरमिंदर सिंह (एसएचओ सिटी नकोदर) और एसआई दिलबाग सिंह की टीमों ने एजीटीएफ के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया। खुफिया सूचना पर नूरमहल रोड के पास बीर गांव फाटक से सरकापुर लिंक रोड पर नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों ने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें अंकित कुमार को गोली लगी। वहीं हरिंदर गुप्ता के पैर में फ्रैक्चर हुआ। दोनों को काबू कर अस्पताल पहुंचाया गया। आरोपियों के पास से .30 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
मूल रूप से यूपी और बिहार के-
दोनों पहले से दर्ज एफआईआर में नामजद थे और रंगदारी न मिलने पर शिकायतकर्ता को निशाना बना रहे थे।आरोपी अंकित सीतामढ़ी (बिहार) का रहने वाला है और फिलहाल बस्ती जोधेवाली, लुधियाना में रह रहा था। हरिंदर गुप्ता गोरखपुर का मूल निवासी है और फिलहाल जगत नगर, लुधियाना में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, मामले की आगे जांच जारी है और इसमें शामिल सभी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



