न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : पंजाब के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भूखे हैं, क्योंकि मिड डे मील योजना मुश्किल योजना में आ गई है। स्थिति यह है कि राज्य के अधिकांश स्कूलों का हाल ऐसा ही है। रूपये नहीं रहने के कारण ऐसे हालत बन गए हैं और सरकार हो या शिक्षा विभाग कुछ भी नहीं कर रही है। खन्ना के कई स्कूलों में बच्चों को दोपहर का खाना नहीं मिल रहा है। अगर सरकार जल्द ही राशि नहीं भेजती है तो दूसरे स्कूलों का भी हाल कुछ ऐसा हो सकता है।
दूसरी तरफ अधिकारियों के दबाव के कारण शिक्षक अपने जेब से रूपये खर्च करके बच्चों को खाना दे रहे हैं। लेकिन अब स्थिति उनके हाथ से भी निकलती जा रही है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जून, जुलाई और अगस्त का रूपया नहीं आया है। जिसके कारण उधार या खुद के पैसों से शिक्षक बच्चों को खाना उपलब्ध करा रहे हैं। कई जगहों में तो दुकानदारों ने उधार देने से भी मना कर दिया है। वहीं स्कूल में रखा अनाज का स्टॉक भी खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है।
शिक्षकों की मानें तो सरकार के कारण मिड डे मील योजना पर ग्रहण लगता जा रहा है। करीब तीन महीने से पैसे नहीं भेजे गए हैं। अगर जल्द ही रूपये नहीं आए तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। अब सारी जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार को चाहिए की जल्द ही पैसे स्कूलों के खातों में भेजे ताकि बच्चों को पढ़ाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए। अब देखना होगा कि कब सरकार जागती है और स्कूलों के खाते में रूपये भेजती है, तब तक बच्चों को भूखे ही पढ़ाई करनी होगी।


