बिहार, 25 जुलाई
नीट पेपर लीक मामले औऱ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग व छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बिहार बंद का असर देखने को मिला। कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।पुलिस ने कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
राजधानी पटना में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। पटना जंक्शन के पास ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया।
पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने पटना यूनिवर्सिटी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यूनिवर्सिटी परिसर, हॉस्टल पर अतिरिक्त पुलिस बल, SSB, दंगा नियंत्रण बल और वज्र वाहन तैनात किए गए।
समस्तीपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ समय के लिए सड़क जाम तथा आगजनी भी की, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। मधेपुरा में छात्रों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। बैरिकेड हटाने की कोशिश पर 17 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
नालंदा में AISA और RYA के कार्यकर्ताओं ने “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” और “राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन किया। वहीं गया में भी AISA और RYA के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। पुलिस ने सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।
बिहार के कई जिलों में बंद के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, हालांकि प्रशासन का कहना है कि अधिकांश स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अन्य खबरें जानें-


