ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हर साल 1 फरवरी को देश को इंतजार रहता है।देशवासियों की कुछ उम्मीदें भी जगती हैं। क्योंकि 1 फरवरी को भारत सरकार देश का बहीखाता पेश करती है।ये तय होता है कि देश कहां पर कितना खर्च करेगा, कहां से कितनी आमदनी होगी।देश को क्या कहीं से उधार लेना पड़ेगा या उसके हाथ में कुछ पैसा बचेगा।कहां कहां खर्च में कटौती होनी संभव होगी और कहां पर उम्मीद से ज्यादा पैसा खर्च हो सकता है। बस आसान भाषा में कहें तो यही बजट है। संसद भवन में अपने 2 घंटे के भाषण से देश के सामने बजट पेश करना वित्त मंत्री के लिए आसान नहीं रहता।बजट को तैयार करने से लेकर उसे पेश करने तक कई दिनों, कई लोगों और कई विभागों की मेहनत लगती है।इस बीच बजट कई चरणों से होकर गुजरता है।
बजट बनाने के लिए एक लंबी प्रक्रिया होती है
देश का बजट बनाने के लिए एक लंबी प्रक्रिया होती है।हालांकि ये काम वित्त मंत्रालय का होता है।और वो देश के बहीखाते की तैयारी लंबे समय से करने लगता है।हजारों लोग दिन रात एक करके देश का पूरा हिसाब किताब लगाते हैं। बजट बनाने की पूरी कहानी काफी दिलचस्प है। बजट बनाने में शामिल वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से लेकर प्रिंटिंग, टाईपिस्ट, टेक्निशियन नॉर्थ ब्लॉक में कैद रहते हैं। इस दौरान एक तरह से उनका बाहरी दुनिया से संपर्क टूट जाता है।
वित्त मंत्री की निगरानी में तैयार होता है बजट
जहां जिस जगह में बजट को तैयार किया जाता है, वो जगह सुरक्षा के लिहाज से किले में तब्दील कर दी जाती है। बजट तैयार होने के बाद वित्त मंत्री की तरफ से पेश करने के लिए एक भाषण भी लिखा जाता है।और इसे तैयार करने में भी काफी मेहनत लगती है, जो वित्त मंत्री की निगरानी में तैयार होता है।देश के बजट को कई विभागों के आपसी विचार-विमर्श के बाद तैयार किया जाता है।वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में देश का बही खाता बनाया जाता है।
कैस बनता है देश का बजट ?
वित्त मंत्रालय, नीति आयोग और सरकार के अन्य मंत्रालय बजट बनाने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं
वित्त मंत्रालय खर्च के आधार पर गाइडलाइन जारी करता है
सभी मंत्रालयों को आगामी वित्त वर्ष के अपने खर्च, विशेष परियोजनाओं और फंड की आवश्यकता की जानाकारी देनी होती है
मंत्रालयों की मांगे आने के बाद उन पर चर्चा होती है
नवंबर महीने में किसान, कारोबारी, एफआईआई, अर्थशास्त्री और सिविल सोसाइटी के साथ चर्चा होती है
बैठकों का दौर खत्म होने पर टैक्स प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लिया जाता है
बजट को अंतिम रुप देने से पहले प्रस्तावों पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा की जाती है
डॉक्यूमेंट्स को चुनिंदा अधिकारी ही तैयार करते हैं
बजट के सभी डॉक्यूमेंट्स को चुनिंदा अधिकारी ही तैयार करते हैं। बजट में शामिल होने वाली योजनाओं में सत्तारुढ़ पार्टी के राजनीतिक झुकाव और उसके सहयोगी दलों की इच्छाओं के हिसाब से सुधार भी किया जाता है।
बजट बनाने में इस्तेमाल होने वाले सभी कंप्यूटर्स दूसरे नेटवर्क से डीलिंक होते हैं
बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया नॉर्थ ब्लॉक ऑफिस में होती है
करीब 100 लोगों का स्टाफ नॉर्थ ब्लॉक ऑफिस में दिन रात काम करता है


