झज्जर, 20 अगस्त
सरकार की कार्यशैली और बढ़ते ऑनलाइन काम के बोझ को लेकर एक बार फिर कानूनगो और पटवारी लामबंद हो गए हैं। प्रदेशभर में कानूनगो और पटवारियों ने दो दिवसीय सांकेतिक धरना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में झज्जर में भी कानूनगो और पटवारी धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लगातार नए-नए सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन व्यवस्थाएं लागू कर रही है, लेकिन उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे। ऐसे में बढ़ते काम के बोझ के बीच बेहतर तरीके से कार्य करना मुश्किल हो रहा है।
पटवारियों और कानूनगो ने खास तौर पर इंतकाल के लिए शुरू किए गए नए सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नए सॉफ्टवेयर में कई खामियां हैं, जिसके कारण काम करने में परेशानी आ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तकनीकी समस्याओं की जिम्मेदारी पटवारियों पर डालने की बजाय IT सेल की जिम्मेदारी तय की जाए।
इसके साथ ही जमीनों की गिरदावरी के लिए शुरू किए गए नए DCS सॉफ्टवेयर को लेकर भी कर्मचारियों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब अन्य राज्यों में गिरदावरी का काम निजी एजेंसियों के माध्यम से करवाया जा रहा है तो हरियाणा में इसका अतिरिक्त बोझ पटवारियों पर क्यों डाला जा रहा है।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि नए सॉफ्टवेयर पर काम करने के लिए पटवारियों को पर्याप्त तकनीकी संसाधन तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। कई पटवारियों को टैबलेट तक नहीं दिए गए और इसके बावजूद नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से काम का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है।
धरने पर बैठे कानूनगो और पटवारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे दो दिवसीय सांकेतिक धरने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि नए सॉफ्टवेयर लागू करने से पहले उनकी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं और कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार डालने के बजाय व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए।
अन्य खबरें जानें –


