Nuh में ओमप्रकाश धनखड़ ने राहुल गांधी की 10 लाख लोगों की रैली के दावे पर कसा तंज, बोले- 25 हजार भी जुटना मुश्किल

नूंह, 29 अक्टूबर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश की न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक…

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नूंह, 29 अक्टूबर

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश की न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश की साख को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। ओमप्रकाश धनखड़ नूंह स्थित भाजपा जिला कार्यालय ‘झिर कमल’ में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

कांग्रेस सत्ता नहीं व्यवस्था बदलना चाहती – धनखड़

धनखड़ ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को लेकर राहुल गांधी के 10 लाख लोगों के जुटने के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि उनके अनुसार रैली में 25 हजार से अधिक लोग पहुंचने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव के माध्यम से सत्ता हासिल करने के बजाय व्यवस्था में बदलाव चाहती है।

न्यायपालिका को ज्ञापन देने के बयान पर उठाए सवाल

ओमप्रकाश धनखड़ ने राहुल गांधी के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन देने संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश और सत्र न्यायालय में न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपील की जाती है, जबकि ज्ञापन सरकार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं के खिलाफ बयान देकर देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर रहे हैं।

विपक्ष बांग्लादेश-नेपाल जैसे हालात पैदा करना चाहता है

धनखड़ ने कहा कि भारत में लोकतंत्र के माध्यम से सरकार बनती है और विपक्ष को चुनाव जीतकर सत्ता में आने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पा रहा है और देश में बांग्लादेश, नेपाल तथा श्रीलंका जैसे हालात पैदा करने की मंशा रखता है। उन्होंने कहा कि ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।

SIR को लेकर भी कांग्रेस पर साधा निशाना

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए धनखड़ ने दावा किया कि देश में यह प्रक्रिया 12 बार हो चुकी है, जिनमें दो बार भाजपा के शासनकाल और 10 बार कांग्रेस की सरकार के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि SIR में मतदाताओं के पिता और दादा से संबंधित जानकारी देना गलत नहीं है, बल्कि यह अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि बताने का विषय है। यदि कोई व्यक्ति बाहर से आया है, तो उसे संबंधित जानकारी और दस्तावेज देने होंगे।

धनखड़ ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास भारतीय नागरिकता से संबंधित आवश्यक प्रमाण नहीं हैं, ऐसे बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी विरोध कर रहे हैं।

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