ऑनलाइन डेस्क / लिविंग इंडिया न्यूज़: –पहले रिपोर्ट को लेकर सीआईडी चीफ के साथ गृह मंत्री अनिल विज का विवाद बढ़ा,फिर सीआईडी को लेकर मुख्यमंत्री के साथ अनबन हुई। इस बीच जब विवाद बढ़ा तो अनिल विज ने सीआईडी चीफ की शिकायत ही सीएम मनोहर लाल से कर दी। शिकायत ही नहीं बल्कि गृह मंत्री अनिल विज ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सीआईडी चीफ अनिल राव को हटाने की भी मांग की है…जिसके बाद सीआईडी को लेकर उपजा विवाद खत्म होने के जगह और बढ़ता नजर आ रहा है। अनिल विज ने सीएम को लिखे पत्र पर बोलते हुए कहा कि, सीआईडी चीफ अनिल राव उनके आदेश नहीं मान रहे हैं, जिसके कारण उन्होंने उन्हें हटाने के निर्देश जारी किये हैं। अनिल विज ने आरोप लगाया है कि, सीआईडी चीफ से उन्होंने कुछ रिपोर्ट मांगी हैं, लेकिन वो कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। विज ने सीएम से अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने पर सीआईडी प्रमुख के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करके कड़ा एक्शन लेने की भी बात कही है।
फैसले पर अडिग अनिल विज
वहीं विज का कहना है कि, जबतक वो गृहमंत्री हैं, तो तबतक उन्हें रिपोर्ट होगी। अपने सख्त तेवरों से गब्बर के नाम से मशहूर विज और सीआईडी प्रमुख के बीच आखिर पूरा विवाद है क्या ? आइये इसे हम ग्राफिक्स के जरिये जान लेते हैं। अब सवाल ये खड़ा होता है कि, आखिर अनिल विज जो रिपोर्ट सीआईडी चीफ से मांग रहे हैं, आखिर वो रिपोर्ट गृहमंत्री को क्यों नहीं भेजी जा रही। विज की तरफ से मांगी जा रही रिपोर्ट में है क्या, कि सीआईडी चीफ वो रिपोर्ट उनके हाथों में देना नहीं चाहते ?
विज का विवाद सीआईडी प्रमुख से नहीं तो क्या सीेएम से ?
गृह मंत्री अनिल विज का विवाद सीआईडी प्रमुख से नहीं, बल्कि सीएम से भी है। बेश्क कहा कुछ भी जा रहा हो, लेकिन सीआईडी विवाद के बीच सीएम और गृहमंत्री के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। जहां मुख्यमंत्री सीआईडी विभाग के बॉस खुद को मान रहे हैं तो वहीं अनिल विज बतौर गृहमंत्री और रुल ऑफ बिजनेस का हवाला देकर सीआईडी का बॉस खुद को बता रहे हैं। ग्राफिक्स के जरिये जान लेते हैं कि आखिर सीआईडी को लेकर सीएम और गृहमंत्री के बीच विवाद किन कारणों से उपजा ?


