Himachal Jal Jeevan Mission 2.0:
हिमाचल प्रदेश को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार से बड़ी वित्तीय सहायता मिलने वाली है। केंन्द्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने साल 2026-27 के लिए राज्य को 258.07 करोड़ रुपए की टेंटेटिव (अस्थायी) ग्रांट को मंजूरी दी है। इस संबंध में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य सरकार को प्रत्र भेजा है। यह राशि राज्य में पेयजल योजनाओं को मजबूत करने और हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए दी जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मिलेगा अंतिम रूप
पत्र के अनुसार, यह राशि फिलहाल टेंटेटिव है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अंतिम रूप दिया जाएगा। एसवीएस और अन्य गैर-पीडब्ल्यूएस योजनाओं के लिए 31.56 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसे अग्रिम भुगतान के रूप में जारी किया जाएगा। वहीं, 75 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली मल्टी विलेज स्कीम के लिए 146.91 करोड़ रुपए की राशि रिइम्बर्समेंट के तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा सपोर्ट एक्टिविटीज के लिए 56.86 करोड़ और वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग एंड सर्विलांस गतिविधियों के लिए 22.74 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
3.16 करोड़ रुपए की टोकन मदर सेंक्शन जारी
केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए 3.16 करोड़ रुपए की टोकन मदर सेंक्शन भी जारी की है। यह राशि जल जीवन मिशन 2.0 के कवरेज कंपोनेंट के तहत दी गई है। इस फंड को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से जारी किया गया है, जिससे राज्य सरकार भुगतान प्रक्रियाएं शुरू कर सकेगी। इस टोकन राशि में एससी, एसटी और नॉन एससी-एसटी वर्गों के लिए अलग-अलग हिस्सेदारी तय की गई है। इसमें नॉन एससी-एसटी के लिए लगभग 189.98 लाख रुपए, एससी के लिए 114.93 लाख रुपए और एसटी के लिए 11.08 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फंड उपयोगिता प्रमाण पत्र और ऑडिटेड खातों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वह योजनाओं की प्रगति के अनुसार खर्च सुनिश्चित करे।
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