झज्जर , 4 अगस्त
झज्जर शहर में हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर शासन और प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। कुछ ही देर की तेज बारिश के बाद शहर के प्रमुख चौक-चौराहे और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।पुरानी तहसील रोड, महिला पुलिस थाना रोड, अंबेडकर चौक, भगत सिंह चौक, माता गेट मोहल्ला, सिलानी गेट, घोसियान मोहल्ला तथा सदर पुलिस स्टेशन सहित शहर के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और वाहन पानी में रेंगते हुए दिखाई दिए।
गौरतलब है कि जिला उपायुक्त ने बारिश से पहले संबंधित अधिकारियों को पंप सेट तैयार रखने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन बारिश के दौरान न तो कहीं अधिकारी नजर आए, न कर्मचारी और न ही जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई दी। परिणामस्वरूप बरसाती पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहा और पूरा शहर मानो झील में तब्दील हो गया।
जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में धीमी गति से चलते नजर आए, जबकि राहगीर प्रशासन की कार्यप्रणाली को कोसते दिखाई दिए। नगर परिषद द्वारा जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावों पर भी लोगों ने सवाल उठाए। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि पानी निकासी के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद हर बारिश में शहर की यही तस्वीर सामने आती है, जिससे विकास कार्यों और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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