ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:– भिवानी के बवानीखेड़ा कस्बा में होलिका दहन के बाद प्रहलाद निकालने को लेकर फैले अंधविश्वास के चलते सोमवार रात को हुए खूनी संघर्ष में दो लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए, जिनका हस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाईयों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
21वीं सदी में भी लोग अंधविश्वास में इस कदर डूबे हैं कि, एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। इसकी एक बानगी बवानीखेड़ा कस्बा में होलिका दहन के बाद प्रहलाद को निकालने को लेकर देखी गई, जिसमें एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। हैरानी की बात ये है कि, ये सब खून खराबा सिर्फ इसलिए हुआ कि लोगों को अंधविश्वास था कि, जो प्रहलाद निकालेगा उसकी शादी होगी और जो प्रहलाद निकालने से छुट जाएगा, उसे दूसरे प्रदेश से बहू खरीद कर लानी पड़ेगी। इसी को लेकर जब एक युवक ने प्रहलाद निकाला तो दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई और बात बढ़ते-बढ़ते खूनी संघर्ष में बदल गई। जिसके चलते दो लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस मामले में बवानीखेड़ा पुलिस ने पीङित पक्ष की शिकायत पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं बवानीखेड़ा थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि, होलिका दहन के बाद प्रहलाद को निकालने पर शादी होने के अंधविश्वास के चलते दो परिवार के सदस्यों में झगड़ा हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। उन्होंने बताया कि, इस मामले में पीङित पक्ष ने 21 लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसमें से रमेश व सुरेश नामक सगे भाईयों सहित मोनु व मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
एक तरफ जहां विज्ञान दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ 21वीं सदी में लोग अंधविश्वास के चलते एक दूसरे की जान ले रहे हैं। बवानीखेड़ा कस्बा की ये घटना जहां लोगों की सोच पर सवाल खड़ा करती है वहीं दूसरे लोगों के लिए सबक भी है कि, प्रहलाद निकालने से शादी होती तो हर कोई अपने घर अपनी होली बना लेता। फिर कोई अविवाहित ना रहता।


