Haryana ₹25 Crore Scam:
झज्जर जिले के गांव मुंडाहेड़ा के बलवंत सिंह नामक अकांउट अधिकारी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में मृतक परिवार को न्याय की मांग की है। इसके लिए पंचायत में गठित की गई 31 सदस्यीय कमेटी सोमवार को जिला प्रशासन से मिलने झज्जर पहुंची। कमेटी में मुख्य रूप से यादव सभा के जिला प्रधान राम अवतार यादव, पूर्व प्रधान वीरेंद्र दरोगा के साथ मृतक के पिता भी मौजूद रहे। कमेटी ने मुख्यमंत्री के एक नाम एक ज्ञापन एसडीएम झज्जर को सौंपा। ज्ञापन में हरियाणा सरकार को एक माह का अल्टीमेटम दिया गया। चेतावनी भी दी गई कि यदि सरकार समय रहते इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं देती है तो जन आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।
महापंचायत के बाद 31 सदस्यीय कमेटी गठित
मामले में रविवार को एक महापंचायत गांव मुंडाहेडा में आयोजित की गई थी। घंटाें चली इस महापंचायत में मृतक परिवार को न्याय दिलाने के लिए एक 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। महापंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित कर सरकार से मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग के साथ-साथ एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने,मृतक परिवार को कम से कम एक करोड़ रूपए मुआवजा दिए जाने,बलवंत को आत्महत्या करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने,संदीप लाठर की पत्नी की तर्ज पर मृतक की पत्नी को भी सरकारी पक्की नौकरी दिए जाने और मृतक के आश्रितों को वित्तिय सहायता दिए जाने के साथ-साथ इस मामले में से जुड़े सभी लाभ दिए जाने की मांग की गई थी।
बैंक अधिकारियों पर मानिसक उत्पीड़न के आरोप
जानकारी देते हुए यादव सभा झज्जर के प्रधान राम अवतार यादव ने बताया कि मृतक बलवंत सिंह एचपीजीसीएल बैंक में अकाउंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। उसकी छवि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ एवं होनहार अधिकारी के रूप में थी। पिछले दिनों उजागर हुए इसी बैंक के 25 करोड़ रूपए के घोटाले की जानकारी बकायदा ईमेल भेजकर दी गई थी। बलवंत सिंह ने इस घोटाले का एक तरह से पर्दाफांश किया था। घोटाले की जांच एवं प्रक्रिया के दौरान बलवंत सिंह को न तो कभी गिरफ्तारी किया गया और न हीं उन्हें पद से निलम्बित किया गया। बाद में एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा बलवंत सिंह को क्लीन चिट भी दे दी। जो घोटाले में शामिल बैंक के अधिकारियों को हजम नहीं हुई और उन्होंने निरन्तर बलवंत सिंह का मानिसक उत्पीड़न करने के साथ-साथ झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया गया। इस मामले में आरोप बैंक के डायरेक्टर अमित दिवान,अकाउंट अधिकारी आशीष गोगिया और चीफ अकाउंट अधिकारी राजेश गोयल पर है। इन्हीं के उत्पीड़ने के कारण बलवंत मानिसक तनाव में आ गया और उसने बीती चार मई को हरियाणा सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर डाली।
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