गुरदासपुर: बीती देर रात बटाला में “ताई डेक्स कोटिंग सिस्टम” नाम की एक पैंट फैक्टरी में अचानक आग की चपेट में आ गयी वहीं इस फैक्टरी के अंदर काम करने वाले दो प्रवासी मजदूरों को स्थानिक लोगो की तरफ से फैक्टरी का ताला तोड़ बचाया गया जबकि इस फैक्टरी का मालिक रणदीप सिंह बेदी अभी भी सामने नहीं आ रहा है। और जबकि फायर बिग्रेड स्टाफ का कहना है की बड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पाया गया और पूरी रात फायर बिग्रेड की गाड़ियों इस आग पर काबू पाने में लगी रही और जबकि बटाला के अलावा अमृतसर ,गुरदासपुर पठानकोट से फायर बिग्रेड की गाड़िया बुलाई गई। वहीं इस हादसे को लेकर इस इलाके में बेस लोग पूरी रात सहमें रहे।

आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। फायर अधिकारी रविंदर कुमार ने बताया की उन्हें ज्यादा मुश्किल इसलिए आई की इतनी बड़ी फैक्टरी में आग पर काबू पाने वाले यंत्रों या पानी का कोई प्रबंध नहीं था और वहीं फैक्टरी पैंट की थी और अंदर थिनर और दूसरे कई केमिकल भी थे जो आग की लपेट में थे और जिसके चलते फैक्टरी में से धमाके भी हो रहे थे।

इस मामले में कई ऐसे सवाल है खड़े हो रहे है यहाँ यह फैक्टरी स्थित है वहां और कोई फैक्टरी नहीं है और न ही यह कोई इंडस्ट्रियल एरिया है और खास यह है की इस फैक्टरी के नजदीक पूरा रिहाइशी इलाका है और बताया जा रहा है की हादसे में चाहे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ लेकिन लाखों रूपए का नुकसान जरूर हुआ है और अब तक इस हादसे को कई घंटे बीत चुके है लेकिन अभी भी इस फैक्टरी के मालिक सामने नहीं आ रहा है और सुबह से तो फैक्टरी में न कोई मजदूर है और न ही कोई और इस फैक्टरी में आया है। जरूरत है की प्रशासन इन सवालों पर गौर करे और इस बात की जाँच हो की इस फैक्टरी को लगाने और चलाने से पहले क्या फैक्टरी मालिक की तरफ से पूरी योग्य नियम पूरे किये थे अगर नहीं तो इस बात पर कारवाई हो जिससे आगे आने वाले समय में ऐसे हादसा किसी की जान के लिए खतरा न बने।
