न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया :
गुरदासपुर उपचुनाव को लेकर एक तरफ जहां बीजेपी अपनी पूरी ताकत लगा रही है तो वहीं उप चुनाव के समय पेरेंटस वैलफेयर एसोसिएशन ने चिंतपूर्णी मैडीकल कॉलेज और हास्टल के मालिक भाजपा पार्टी के उमीदवार स्वर्ण सलारिया पर कॉलेज में सुविधांए प्रदान नही करने का आरोप लगा कर सलारिया की मुश्किलें और बढ़ा दी है| अभिभावकों ने पंजाब सरकार को जल्द उनके बच्चों को अन्य मैडिकल कॉलेजों में शिफट करने की मांग की है|
बीती शाम चिंतपूर्णी मैडिकल कॉलेज व होस्टल पेरेटंस वैल्फेयर एसोसिएशन ने प्रैस कांफ्रैंस कर कहा कि उनके बच्चे चिंतपूर्णी कॉलेज में सभी टैस्ट पास करके 2014 के बैच में दाखिल हुए थे,जिसमें सरकारी नार्मस पर फीस सहित हॉस्टल का खर्चा जा रहा है। लेकिन कॉलेज की तरफ से बच्चों को प्रैक्टिस नहीं करवाई जा रहा और न ही वहां पर पेशेंट आते है,जिसके कारण बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाने का खतरा है। उन्होंने कहा की कई बार कॉलेज के मालिक स्वर्ण सलारिया से बात की गई लेकिन हर बार वादा करके भरोसा तोड़ा गया है।
उधर इस कालेज के मालिक खुद लोक सभा गुरदासपुर के उप चुनाव में भाजपा के उमीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में है और इस समय लग रहे इन आरोपों के चलते स्वर्ण सलारिया के लिएबड़ी मुसबित बन गयी है लेकिन इस मामले में स्वर्ण सलारिया का कहना है की पंजाब सरकार को चाहिए की वह आगे आये और इस कालेज में काम करने वाले बच्चो और स्टाफ का भविष्य सोच कर मदद करे क्युकी वह तो खुद बंद पड़े कालेज को 100 करोड़ रूपए खर्च कर पैरो पर खड़ा करने की कोशिश में है।
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अब मामला उछला है तो विपक्ष निशाना साधने से कैसे पीछे रह सकता है| इस मामले में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान और स्वर्ण सलारिया के विरोधी उमीदवार सुनील जाखड़ ने कहा की स्वर्ण सलारिया को चाहिए की वह कालेज बंद होने की सचाई भी लोगो को बताये।
चुनाव से पहले ही स्वर्ण सलारिया के खिलाफ पेंरेंटस असोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है| एसे में इसका खामियाजा बीजेपी उम्मीदवार को चुनावों में कितना और कैसे भुगतना पड़ेगा ये सलारिया के साथ साथ बीजेपी के लिए भी परेशानी का सबब है|

