न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया :
डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के सलाखों के पीछे जाने के बाद गंभीर आरोप लगने लगे हैं| राम रहीम पर लग रहे आरोपों में उसके राज जानने वालों की हत्या कर शवों को जमीन में दबाने के बाद पर्यावरण बचाओ मुहिम के तहत पेड़ लगाने की बात सामने आ रही है|
डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के सलाखों के पीछे जाने के बाद गंभीर आरोप लगने लगे हैं| राम रहीम पर लग रहे आरोपों में उसके राज जानने वालों की हत्या कर शवों को जमीन में दबाने के बाद पर्यावरण बचाओ मुहिम के तहत पेड़ लगाने की बात सामने आ रही है| ऐसा ही एक मामला मानसा से सामने आया है जहां गांव कुलरीयां के 32 वर्षीय सतपाल को ज्यादा शराब पीने की आदत के कारण 2013 में उसकी शराब छुडवाने के लिए डेरा सच्चा सौदा सिरसा में लेकर गए| लेकिन इसके बाद आज तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है|
सतपाल की माता बलदेव कौर ने बताया कि डेरा सिरसा में उसके पुत्र को 18 नंबर मोटर पर सेवा के लिए लगाया गया था| लेकिन 6 दिन की सेवा के बाद से ही उसका कुछ भी पता नहीं लग पाया है| जिसके बाद उसके गुम होने की जानकारी सिरसा पुलिस और गांव कुलरीयां की पुलिस चैकी में भी दी गई थी| बलदेव कौर के मुताबिक वे तीन महीने तक डेरे के चक्कर काटते रहे लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी|
बेटे के खो जाने पर बलदेव कौर को लोगों ने डेरे में जाकर प्रसाद ग्रहण करने और बाबा से वचन करवाने की सलाह दी थी लेकिन बलदेव कौर ने बताया कि वो डेरे में नहीं गए क्योंकि उनका इकलौता चिराग नहीं मिल पाया था |
परिवार के आर्थिक हालात अच्छे ना होने के चलते सतपाल की मां और पत्नी लोगों के घरों में काम करके बच्चों का पेट भरने के लिए मजबूर हैं। बलदेव कौर ने बताया कि घर में अकेली महिलाओं और बच्चों का गुजारा मुश्किल है| साथ ही उनका कहना है कि हमारी किसी ने मदद नहीं की| दूसरी ओर उन्होंने बताया कि डेरा प्रेमी उन्हें कहतें है कि सतसंग में आकर खर्चा ले जाओ लेकिन हम नहीं गए|
बलदेव कौर ने बताया कि सतपाल की गैर हाजिरी के बाद घर में खाने के लाले पड़े हैं| वहीं उन्होंने सरकार पर परिवार की बदहाली की ओर कोई ध्यान नहीं देने के आरोप लगाए| उन्होंने बताया कि 6 महीने पहले ही सतपाल की पत्नी को सरकार ने पैंशन देना शुरू किया है लेकिन बच्चों को अब भी पैंशन की कोई सहूलियत नहीं है।

