ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: क्या आपको पता है कि, आज से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही हैं नहीं, तो हम आपको बतादें हैं कि आज से गुप्त नवरात्रि की पूजा अर्चना की शुरूआत हो रही है। वैसे तो सामान्य रूप से लोगों को सिर्फ यही पता होता है कि, नवरात्र साल में दो बार ही आती है, जिन्हें हम चैत्र या वासंतिक नवरात्र और आश्विन या शारदीय नवरात्र कहत हैं। लेकिन आपको बतादें कि, इसके अतिरिक्त दो और नवरात्र भी हैं जिनमें विशेष मनोकामनाओं की सिद्धि की जाती है। रहस्यमयी कारणों की वजह से इन्हें गुप्त नवरात्र कहते हैं।
वर्ष में दो बार होती हैं गुप्त नवरात्री
आपकी जानकारी के लिए बतादें कि, वर्ष में दो गुप्त नवरात्री होता हैं और साल में कुल मिलाकर चार नवरात्र होते हैं तमाम शाक्ती ग्रंथों में इन चारों नवरात्रों के महत्वों को बताया गया है। आज से 9 दिनों तक पूजा और अनुष्ठान किये जाते है। इसबार गुप्त नवरात्रि 25 जनवरी से 03 फरवरी तक रहेंगी।
गुप्त नवरात्रि का और पूजा विधि महाप्रयोग
प्रात और सायं मां के विशिष्ट मंत्र का 108 बार जप करें, मंत्र – “ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे” एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं उस पर मां की मूर्ति या प्रतिकृति की स्थापना करें,मां के समक्ष एक बड़ा घी का एकमुखी दीपक जलाएं
जानिए गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा विधि?
नौ दिनों के लिए कलश की स्थापना की जा सकती है, अगर कलश की स्थापना की है तो दोनों वेला मंत्र जाप,चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए, पूरे नौ दिन अपना खान पान और आहार सात्विक रखें।, मां को दोनों वेला भोग भी लगायें , सबसे सरल और उत्तम भोग है लौंग और बताशा, दोनों ही समय आरती भी करना अच्छा होगा,मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है पर मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिलकुल न चढ़ाएं।
सामान्य और गुप्त नवरात्रि में क्या अंतर है ?
सामान्य नवरात्रि में आम तौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है, गुप्त नवरात्रि में ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं किया जाता है, बल्कि अपनी साधना को गोपनीय रखा जाता है, गुप्त नवरात्रि में पूजा और मनोकामना जितनी ज्यादा गोपनीय होगी, सफलता उतनी ही ज्यादा मिलेगी वहीं गुप्त नवरात्रि में ज्यादातर तांत्रिक पूजा की जाती है,




