Silver Price New Record Today:
चांदी के भाव में पिछले कई दिनों से जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सोमवार को भी चांदी की क़ीमतों ने अपनी बढ़त जारी रखी और एक नया रिकॉर्ड बनाया. चांदी के दाम 6 फ़ीसदी उछलकर 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए. अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में मज़बूत रुझान और निवेशकों की मज़बूत मांग के चलते चांदी में लगातार ख़रीदारी देखी जा रही है. एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी का सोना 357 रुपये यानी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,40,230 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
पिछले हफ्ते कीमतों में 15% की तेज उछाल-
इसकी बड़ी वजह इंडस्ट्रियल में बढ़ती मांग, अगले साल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, और वैश्विक सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता है. इसके अलावा जियो पॉलिटिकल टेंशन भी चांदी की कीमतों को समर्थन दे रहा है. पिछले हफ्ते ही चांदी की कीमतों में करीब 15% की तेज उछाल देखने को मिला था और इसकी मुख्य वजह ग्लोबल सप्लाई का सख्त होना, खासतौर पर चीन में, जहां चांदी की मांग सबसे ज्यादा है. चीन सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़ा निर्माता है, और इन सेक्टर्स में बढ़ती मांग ने चांदी की कीमतों को और ऊपर कर दिया है.
चांदी के रेट में क्यों देखने को मिल रही है तेजी?
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस सिक्योरिटीज़ के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने बताया है कि चांदी कई सालों से सप्लाई की कमी में है. दुनिया भर में खानों से निकलने वाली चांदी की मात्रा मांग को पूरा नहीं कर पा रही और स्टॉक्स भी लगातार घट रहे हैं. अगर यह कमी और बढ़ती है, तो चांदी की कीमतें और अधिक ऊंची हो सकती हैं.
इंडस्ट्री की बढ़ती मांग-
सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और एनर्जी निवेशों में इंडस्ट्री की बढ़ती मांग और खानों से उत्पादन में कमी के कारण चांदी की आपूर्ति लगातार कम हो रही है और स्टॉक पर्याप्त नहीं हैं. सोने की तरह चांदी की कीमतों को भी कई फैक्टर्स प्रभावित करते हैं, लेकिन चांदी के पास एक अलग फैक्टर है और वो है इंडस्ट्रियल मांग. यह धातु कई नए और उभरते उद्योगों के लिए बेहद जरूरी है.



