Chandigarh Chinni Murder Case:चंडीगढ़ में हुए चिन्नी हत्याकांड की पुरी कहानी का खुलासा, पांच गिरफ्तारी, जनवरी में बन गई थी योजना

Chandigarh Chinni Murder Case: चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच में क्राइम ब्रांच की पूछताछ में पूरी कहानी…

Chandigarh Chinni Murder Case:चंडीगढ़ में हुए चिन्नी हत्याकांड की पुरी कहानी का खुलासा, पांच गिरफ्तारी, जनवरी में बन गई थी योजना

Chandigarh Chinni Murder Case:

चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच में क्राइम ब्रांच की पूछताछ में पूरी कहानी सामने आ गई है। जांच में सामने आया कि हत्या योजना जनवरी से शुरू हो गई थी। लेकिन शूटरों को दिया गया हथियार फेल होने से उस समय वारदात टल गई। इसके बावजूद आरोपियों ने रेकी पूरी कर ली और योजना को स्थगित कर दिया। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे गैंगस्टर लक्की पटियाल और मलोया निवासी मुकुल राणा की मुख्य भूमिका रही।

दो चरणों में एकत्र किए थे 2.50 लाख

मुकुल ने राहुल शर्मा के माध्यम से शूटरों तक हथियार, बाइक और अन्य संसाधन पहुंचाए। डीएसपी लक्ष्य पांडेय और इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल की टीम ने इस नेटवर्क की परतें खोलते हुए कई अहम कड़ियों को जोड़ा है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि मुकुल राणा ने राहुल शर्मा को विभिन्न स्थानों से फंड जुटाने के निर्देश दिए थे। राहुल ने दो चरणों में 1.30 लाख और 1.20 लाख रुपये एकत्र किए। इसके बाद जानू मलिक के जरिये जुझार नगर स्थित मनी एक्सचेंज से यह रकम बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई।

चोरी का बाईक का किया था इस्तेमाल

प्रारंभिक जांच में यह रकम हत्याकांड में इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या में उपयोग की बाइक चोरी की थी। जिसे वारदात से पहले डड्डूमाजरा इलाके में छिपाया गया। अगले दिन राहुल और कमलजीत बाइक को कजहेड़ी लेकर पहुंचे। सेक्टर-38 में पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद शूटरों को बाइक, हथियार और 20 हजार रुपये सौंपे गए। हथियार और कारतूस बाइक की सीट के नीचे छिपाए गए थे। वारदात के बाद दोनों आरोपी तुरंत भाग निकले।

मोबाइल एप के इस्तेमाल से संचार

पूरे ऑपरेशन में संचार के लिए जंगी मोबाइल एप का इस्तेमाल किया गया। मुकुल राणा ने राहुल को यह एप डाउनलोड करवाया था जिसके माध्यम से वह लक्की पटियाल और अन्य सहयोगियों के संपर्क में रहता था। जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ में लक्की पटियाल का नेटवर्क मुकुल राणा के जरिए संचालित हो रहा था जिसमें ट्राईसिटी के कई युवक शामिल थे। सूत्रों के अनुसार मुकुल राणा पहले भी चंडीगढ़ में गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल विदेश से इस नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है। चिन्नी की हत्या के बाद पंजाब एजीटीएफ ने पीयूष और प्रीतम को कैथल से गिरफ्तार किया था, जहां मुठभेड़ में दोनों घायल हुए थे।

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