ऑनलाइन डेस्क / लिविंग इंडिया न्यूज़: –नागरिकता संशोधन कानून पर मचे घमासान के बीच भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकता संशोधन कानून पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि, जब संसद खराब कानून बनाती है, तो वह अदालतों में समाप्त हो जाता हैं और न्यायाधीश वही करते हैं जो सांसदों को करना चाहिए। एक अच्छा कानून तब बनता हैं जब संसद और विधानसभाओं को उस दिन के शासक के विचारों का समर्थन करने के लिए नहीं कहा जाता है।
CAA पर बोले पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी
उन्होंने कहा कि,संसद, जो पहले 10 दिनों के लिए मिलती थी, अब 60 वर्ष प्रति वर्ष के लिए बैठती है, जबकि अन्य देशों में विधायिका 120 से 150 दिनों के लिए मिलती हैं।अंसारी ने यह भी कहा कि किसी भी कानून या नियम को बनाए जाने के लिए, चर्चा के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होती है, लेकिन संसद और विधानसभा सत्र आज एक अनुष्ठान बन गए हैं, जहां आप मिलते हैं, कुछ बातें कहते हैं, कुछ दिन साथ रहते हैं और चले जाते हैं।पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि, लोकतंत्र में लोगों की सहमति और लोगों की इच्छाओं की अभिव्यक्ति आवश्यक है।
कपिल सिब्बल ने कहा CAA को रोकने का कोई तरीका नहीं
इससे पहले इस मामले पर देश के बड़े दिग्गज नेताओं ने अपनी बात रखी थी वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने CAA को लेकर एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि, ऐसा कोई भी तरीका नहीं है, जिससे कोई भी राज्य नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी CAA को लागू करने से इनकार कर सके जब CAA संसद द्वारा पहले से ही पारित कर दिया गया है। तो अब उसे रोकना और ऐसा करना असंवैधानिक होगा। अगर CAA पास हो जाता है तो कोई राज्य उसे नहीं रोक सकता है कि ‘मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता यह संभव नहीं है और असंवैधानिक है। आप इसका विरोध कर सकते हैं, आप विधानसभा में एक प्रस्ताव लाकर पारित कर सकते हैं और केंद्र की मोदी सरकार से इसे वापस लेने की अपील कर सकते हैं। CAA संवैधानिक हैं उन्होंने कहा कि मैंने इसे लागू नहीं किया है, यह समस्याग्रस्त होने वाला है और अधिक मुश्किलें पैदा करेगा।
CAA पर बोले पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री खुर्शीद
तो वहीं कपिल सिब्बल के बयान पर उनके साथी और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री खुर्शीद ने भी इस मुद्दे पर उनको अपना समर्थन दिया था। खुर्शीद ने कहा कि हमें इस कानून का पालन करना होगा। इस दौरान खुर्शीद ने कहा कि, “अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता है, तो यह क़ानून की किताब पर बना रहेगा। क़ानून की किताब पर कुछ है, तो आपको कानून का पालन करना होगा।
सलमान खुर्शीद ने दिया सुझाव
सलमान खुर्शीद ने सुझाव देते हुए कहा कि, हम सभी को CAA पर निर्णय लेने के लिए उच्चतम न्यायालय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। ये ऐसा मामला है जहां पर राज्य सरकार के पास केंद्र के साथ बहुत गंभीर मसला है हम सुप्रीम कोर्ट के दिए गए अंतिम फैसले का इंतजार करेंगे।



