गुरुग्राम, 3 अगस्त
पूरे हरियाणा से सैकड़ों की संख्या में वन विभाग कर्मचारी गुरुग्राम पहुंचे, उनका आरोप है कि वे पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर दर-दर भटक रहे हैं ।आज समय लेकर वे मंत्री राव नरबीर सिंह से मिलने उनके सिविल लाइन आवास पहुंचे थे, लेकिन मंत्री जी मीटिंग का हवाला देकर वक्त से पहले ही आवास से निकल गए। इससे नाराज कर्मचारियों ने मंत्री के आवास के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी और घेराव कर दिया।
कर्मचारियों के प्रदर्शन की खबर मिलते ही गुरुग्राम पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी ।मंत्री की कोठी की ओर जाने वाले दोनों रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया ।कर्मचारियों का कहना है कि सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है, मांगें पूरी नहीं कर रही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो वे संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का घेराव करेंगे और जेल भर आंदोलन करेंगे।
दबाव के बाद अब मंत्री राव नरबीर सिंह ने 12 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे चंडीगढ़ सचिवालय में अधिकारियों के साथ वन कर्मचारियों की मांगों पर बैठक बुलाई है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की 17 सूत्रीय मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लागू करना, मस्टर रोल प्रणाली लागू करना, बोगस बिल प्रणाली बंद करना, वन माफिया पर नियंत्रण करना शामिल है। पंचकूला में 85 करोड़ रुपये के खैर के पेड़ रातों-रात वन माफिया द्वारा कटवा दिए गए, जिन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा वन विभाग का विस्तार हो, अपनी नर्सरियां स्थापित की जाएं, उनमें मजदूरों को उचित मेहनताना मिले, बाहर से महंगे दामों पर पेड़ न लाने पड़ें, वन विभाग की तरक्की हो, रिटायरमेंट बेनिफिट मिले, श्रम कल्याण के तहत मजदूरों को सुविधाएं मिलें और SIPF लागू किया जाए। कर्मचारी नेताओं का कहना है, कि सरकार ने कई बार वार्ता का आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई फैसला नहीं हुआ। अब 12 अगस्त की बैठक को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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