बाघों की मौत पर हड़कंप; माले महादेश्वर वन्यजीव अभ्यारण्य में संदिग्ध परिस्थितियों में पांच बाघ मृत, वन विभाग अलर्ट पर

Karnatak News: कर्नाटक के चामराजनगर जिले के माले महादेश्वर वन्यजीव अभयारण्य(Male Mahadeshwar Wildlife Sanctuary) में बुधवार को एक बाघिन और उसके चार शावक मृत पाए…

Karnatak News: कर्नाटक के चामराजनगर जिले के माले महादेश्वर वन्यजीव अभयारण्य(Male Mahadeshwar Wildlife Sanctuary) में बुधवार को एक बाघिन और उसके चार शावक मृत पाए गए. वन अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को चामराजनगर जिले में माले महादेश्वर वन्यजीव अभ्यारण्य (एमएम हिल्स) के मुख्य क्षेत्र में बाघिन और उसके चार शावक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए.

बाघ और शावकों की अप्राकृतिक मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक के नेतृत्व वाली टीम को जांच के आदेश दिए हैं. इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्य वन्य जीव अधिकारी को लिखित निर्देश जारी करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने जंगल में 5 बाघों की मौत को बहुत गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

उन्होने कहा, “पांच शव सुबह 11 बजे हनूर तालुक में बीट स्टाफ द्वारा नियमित गश्त के दौरान पाए गए. ऐसा संदेह है कि बड़ी बिल्लियों ने जहरीला मांस खाया होगा, जो संभवतः उन्हें निशाना बनाने के लिए मौके पर रखा गया था.

प्रथम दृष्टया यह फूड पॉइजनिंग का मामला लगता है. 8 से 10 साल की उम्र की बाघिन ने शायद एक गाय को मार डाला और बाद में शव खाने के लिए वापस आई, जिसमें जहर मिला हो सकता है. शावक लगभग दो से तीन साल के थे – एक नर और चार मादा.

उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमार्टम वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. बी वसीम ने किया है और हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.

इसके बाद, वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को घटना की उच्च स्तरीय जांच करने और तीन दिनों के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. जवाब में, वन विभाग ने घटना की जांच के लिए अतिरिक्त पीसीसीएफ बीपी रवि के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया.

वन मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि गश्त में किसी भी तरह की चूक या कर्तव्य में लापरवाही के किसी भी संकेत को गंभीरता से लिया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी.

एमएम हिल्स कर्नाटक में बिलगिरिरंगना हिल्स को तमिलनाडु में सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व से जोड़ने वाला एक प्रमुख पारिस्थितिक गलियारा है. कर्नाटक में वर्तमान में 563 बाघों के साथ भारत में बाघों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है, और एक ही घटना में पाँच बाघों की मौत ने संरक्षण प्रयासों को गंभीर झटका दिया है.

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