न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : आपने हॉलीवुड की फिल्म ‘ड्रैकुला’ देखी होगी, आपको याद होगा कि फिल्म में किस तरह से विलेन लोगों का खून पीता है। इस सब्जेक्ट पर साल 1992 में आई फिल्म ‘ब्रैम स्टोकर्स ड्रैकुला’ को देखकर लोगों के तो होश उड़ गए थे। हालांकि, यह तो रही फिल्मों की बात, लेकिन आप जानते हैं हकीकत में भी ड्रैकुला था। जी हां, हंगरी की एलिजाबेथ बाथरी को ड्रैकुला कहा जाता था। बताया जाता है कि उसने खुद को जवान रखने के लिए 600 से ज्यादा लड़कियों की हत्या कर दी थी।
दरअसल, एलिजाबेथ बाथरी का जन्म हंगरी साम्राज्य के बाथरी परिवार में हुआ था। उसकी शादी फेरेंक से हुई थी और फेरेंक तुर्की के साथ हुए युद्ध का नायक था। लेकिन बात फेरेंक की पत्नी बाथरी की, जिसे इतिहास की सबसे खतरनाक और वहशी महिला के रूप में जाना जाता है। साल 1585 से 1610 के बीच बाथरी ने 600 से ज्यादा लड़कियों की हत्या कर दी थी और यह सब उसने खुद को जवान रखने के लिए किया था। कहा तो यह भी जाता है कि वो लड़कियों का खून भी पीती थी।
यहां तक कि लड़कियों की हत्या करने से पहले बाथरी उन पर बुरी तरह अत्याचार करती थी। लड़कियों को टॉर्चर करने के लिए उसने रूम तक बनाकर रखे थे। बाथरी कुंवारी लड़कियों को प्रताड़ित करती थी। लड़कियों का हाथ काट दिया जाता था। काटे गए अंगों को टुकड़ों-़टुकड़ों में बांट देती थी। उनके अंगों को दांतों से काटकर अलग कर देती थी। सबसे खौफनाक वारदात को वह लड़कियों की मौत के बाद अंजाम देती थी। लड़कियों को मारने के बाद उसका खून बाथटब में इकट्ठा करके उसमें बाथरी देर तक नहाती थी। 
कहा जाता है कि 25 सालों तक हंगरी में बाथरी का आतंक रहा था। लोग उसने बारे में सुनकर सहमे रहते थे। आखिर में हंगरी के राजा ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जिस समय उसे गिरफ्तार किया गया था, उसके महल में कई लड़कियों का क्षतविक्षत शव और कटे हुए अंग मिले थे। 21 अगस्त 1614 को बाथरी की जेल में मौत हो गई थी। बाथरी के जीवन पर कई फिल्में बन चुकी हैं और उपन्यास भी लिखे जा चुके हैं। कहा तो यहां तक जाता है कि आयरलैंड के उपन्यासकार ब्राम स्टोकर ने बाथरी पर 1897 में ‘ड्रैकुला’ उपन्यास भी लिखा था।
