पंचकूला ,29 जुलाई
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है, यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11, 12 और 13 अगस्त को पूरे प्रदेश में तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
ज्ञापन में कहा गया है कि बिजली वितरण के निजीकरण, हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन, समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस, स्मार्ट मीटर परियोजना तथा बिजली कंपनियों के निजीकरण से जुड़े सभी प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि इन योजनाओं से न केवल विभाग और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे, बल्कि उपभोक्ताओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।
संघर्ष मोर्चा ने सरकार से एक्स-ग्रेशिया नीति में संशोधन, पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने, विभाग में आवश्यक पदों के पुनर्गठन, रिक्त पदों को भरने, आउटसोर्स, डीसी रेट, HKRN एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान वेतन नीति लागू करने सहित कई अन्य मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग की है।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने बिजली क्षेत्र में निजीकरण अथवा एग्री डिस्कॉम से संबंधित कोई भी प्रशासनिक या नीतिगत निर्णय लिया तो इसे अनिश्चितकालीन आंदोलन की दिशा में अगला कदम माना जाएगा। संगठन ने सरकार से उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और बिजली व्यवस्था के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
अन्य खबरें जानें –


