दिल्ली, 25 जुलाई
नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ CJP का आंदोलन आखिरकार आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक पहुंच ही गया। शनिवार को केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने X एकाउंट पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
CJP ने 6 जून 2026 को अपने इस आंदोलन की शुरुआत की थी। जिसकी शुरूआत शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और मृतक छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग के साथ की थी। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे जमीनी आंदोलन में बदल गया।
20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन शुरू हुआ था, जिसके बाद इस आंदोलन को लोगों का समर्थन मिलने लगा। पर्यावरणविद् सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन में शामिल होने से आंदोलन और भी तेज हो गया। बाद में सोनम वांगुचक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जिससे प्रदर्शन और उग्र हो गया।
20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज की, जिससे कईं छात्रों को चोटें आई। दिल्ली के कईं मेट्रो स्टेशनों को इस दौरान बंद रख गया। विपक्ष के नेताओं ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन किया।
24 जुलाई को देर रात सरकार की ओर से कुछ मांगें मानने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। हालांकि, CJP ने स्पष्ट कह दिया था कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
आखिरकार आज 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का एलान कर दिया। CJP ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया, जबकि संगठन ने कहा कि उसकी अन्य मांगों को पूरा कराने के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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