गैंगस्टरां ते वार का 201वां दिन: पंजाब पुलिस ने 597 ठिकानों पर की छापेमारी; 299 गिरफ्तार

चंडीगढ़, 9 अगस्त: ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान को 201वें दिन भी जारी रखते हुए पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के…

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चंडीगढ़, 9 अगस्त: ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान को 201वें दिन भी जारी रखते हुए पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के रूप में चिन्हित एवं मैप किए गए 597 ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने के लिए शुरू की गई निर्णायक मुहिम है। इस अभियान की शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा की गई थी। सभी जिलों की पुलिस टीमें एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पंजाब के समन्वय से पूरे राज्य में विशेष अभियान चला रही हैं।

अभियान के 201वें दिन पुलिस टीमों ने 299 व्यक्तियों को सात हथियारों सहित गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 58,511 हो गई है।

इसके अलावा 246 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने इस कार्रवाई के दौरान पांच भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।

अभियान के संबंध में अधिक जानकारी साझा करते हुए विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था प्रवीण सिन्हा ने बताया कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत गुरदासपुर जिले में दो दिवसीय ‘ऑपरेशन प्रहार-4.0’ चलाया गया। इस अभियान के दौरान 371 गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस ने दो पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, 448 ग्राम हेरोइन, 110 नशीली गोलियां और 8,920 रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के संबंध में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गुप्त रूप से सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी पुलिस को सूचना दी जा सकती है।

इस बीच, ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान के 526वें दिन पुलिस टीमों ने 76 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 1.3 किलोग्राम हेरोइन, 175 नशीली गोलियां और 1,450 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।

इसके साथ ही पिछले 526 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 75,578 हो गई है।

नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज छह व्यक्तियों को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास उपचार करवाने के लिए प्रेरित किया और इसके लिए राजी किया।

 

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