यमुनानगर, 8 सितंबर
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेज कर समस्याओं के समाधान की मांग की है। यमुनानगर जिला सचिवालय पर एसोसिएशन के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
एसोसिएशन के प्रधान मुनीष कबोज, संयोजक अशोक गर्ग, सचिव संदीप कुमार ने बताया कि गेहूँ खरीद वर्ष 2026-27 हेतू गेहूँ खरीद बंद होने के 90 दिन बाद भी आढ़तियों को गेहूँ की आढत का पूर्ण रूप से भुगतान नहीं हुआ है। शीघ्र ही इस कार्य को पूर्ण करने के आदेश जारी किए जाए। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 के पश्चात गेहूँ एवं धान की आढत को 2.5% से घटाकर क्रमश 46 रुपए व 45.88 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया था।
लम्बे संघर्ष के पश्चात सरकार ने खरीद वर्ष 2026-27 गेहूँ एवं धान की आढत में 4.75 रुपए व 4.73 रुपए की मामूली वृद्धि की है। गेहूँ खरीद पर 2.5% के हिसाब से इस वर्ष 64.625 रुपए प्रति क्विंटल बनती हैं, जबकि हरियाणा सरकार द्वारा अपने बजट से 4.25रुपए प्रति क्विंटल की आढत का भुगतान किए जाने के बावजूद भी यह राशि 55 रुपए बनती हैं। जिससे हरियाणा के आढ़ती को लगभग 75 करोड़ रुपये का नुक़सान इस वर्ष गेहूँ की आढत के भुगतान में उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हम आपसे आग्रह करते हैं कि सभी फ़सलों की सरकारी खरीद आढ़तियों के माध्यम से की जाए व 2.5% के हिसाब से आढत का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। हरियाणा राज्य के आढ़तियों को दुकानों एवं बुथों पर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा जारी किए गए लाइसेंस को GST विभाग की तरह आजीवन के लिए जारी किया जाए।
इस विषय पर पूर्व में हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री एवं मुख्य प्रशासक के साथ बैठक में सहमति बन चुकी थी लेकिन इस फ़ैसले को लागू नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि ई-नेम 2 प्रणाली में किसानों को अनावश्यक रजिस्ट्रेशन प्रणाली से मुक्त किया जाए। किसानों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को केवल सरकारी खरीद तक ही सीमित रखा जाए, मंडियों में फसल खरीद के दौरान केवल अधिकृत अधिकारीयों को ही तौल की व्यवस्था जाँचने का अधिकार हो, किसी बाहरी व्यक्ति अथवा संस्थान को इस तरह की कार्यवाही से रोका जाए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि हरियाणा राज्य में हरियाणा सरकार द्वारा सभी फसलों की खरीद पर लगाई गई मार्किट फ़ीस व HRDF की दरें अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक हैं जिस कारण हरियाणा राज्य में कृषि आधारित उत्पादों से संबंधित उद्योग प्रभावित होकर पलायन को मजबूर है।
इसलिए हम सरकार से आग्रह करते हैं कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मंडियों में लगाई गई मार्किट फ़ीस एवं HRDF की दरों को अन्य राज्यों की तरह तर्क संगत दरों पर लागू किया जाए जिससे राज्य से पलायन कर रहे कृषि आधारित उद्योगों को राज्य में ही विस्तार करने का माहौल बन सकें और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम हड़ताल पर जाने को विवश हो जाएंगे।
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