Chyawanprash Recipe: सर्दियों में सेहत के लिए फायदेमंद है च्यवनप्राश, जानें बनाने का आसान तरीका

Chyawanprash Recipe: सर्दी के मौसम में च्यवनप्राश (Chyawanprash) खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. च्यवनप्राश ऐसा आयुर्वेदिक हेल्थ टॉनिक है, जो इम्युनिटी बढ़ाने के…

Chyawanprash Recipe: सर्दी के मौसम में च्यवनप्राश (Chyawanprash) खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. च्यवनप्राश ऐसा आयुर्वेदिक हेल्थ टॉनिक है, जो इम्युनिटी बढ़ाने के साथ एनर्जेटिक और हेल्दी बनाए रखने में मददगार है. सामान्य सर्दी-जुकाम से लेकर सांस से जुड़ी परेशानी को दूर करने में भी च्यवनप्राश फायदेमंद माना जाता है. इसको खाने से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को काफी लाभ होता है.

हालांकि, मिलावटी के इस दौर में ये कोई बड़ी बात नहीं है कि च्यवनप्राश में भी मिलावट हो सकता है. हालांकि, क्या आपको पता है कि आप किचन में रखे कुछ चीजों की मदद से अपने घर पर ही एकदम असली च्यवनप्राश आसानी से बना सकते हैं. आइए जानते है इसे बनाने का तरीका . 

च्यवनप्राश बनाने की सामग्री..(Chyawanprash Recipe)
1 किलो आंवला, 50 ग्राम बिदरीकंद, 50 ग्राम सफेद चंदन, 50 ग्राम वसाका, 50 ग्राम अकरकरा, 50 ग्राम शतावरी, 50 ग्राम ब्राह्मी, 50 ग्राम बिल्व, 50 ग्राम छोटी हर्रा (हरड़), 50 ग्राम कमल केसर, 50 ग्राम जटामानसी, 50 ग्राम गोखरू, 50 ग्राम बेल, 50 ग्राम कचूर, 50 ग्राम नागरमोथा, 50 ग्राम लौंग, 50 ग्राम पुश्करमूल, 50 ग्राम काकडसिंघी, 50 ग्राम दशमूल, 50 ग्राम जीवन्ती, 50 ग्राम पुनर्नवा, 50 ग्राम अंजीर, 50 ग्राम अश्वगंधा, 50 ग्राम गिलोय, 50 ग्राम तुलसी के पत्ते, 50 ग्राम मीठा नीम
50 ग्राम सोंठ, 50 ग्राम मुनक्का, 50 ग्राम मुलेठी, घी 250 ग्राम, 250 ग्राम तिल का तेल, 3 किलो चीनी, 100 ग्राम पिप्पली, 150 ग्राम बंशलोचन, 50 ग्राम दालचीनी
20 ग्राम तेजपत्र, 20 ग्राम नागकेशर, 20 ग्राम छोटी इलायची, 2 ग्राम केसर, 250 ग्राम शहद

च्यवनप्राश बनाने की पूरी विधि- (Chyawanprash Recipe)
घर में च्यवनप्राश बनाने के लिए (Chyawanprash Recipe) सबसे पहले आंवले को धोकर कपड़े की पोटली में बांध लें.
एक बड़े भगोने में पानी भरकर तेज आंच पर रखें. इसमें सारी जड़ी बूटियां और बंधे हुए आंवले की पोटली डालकर उबलने के लिए रख दें.
उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और आंवलों के नरम होने तक उबलने दें.
आंवले नरम हो जाएं तो आंच बंद कर दें और आंवले और जड़ी बूटियों को इसी तरह भगोने में रातभर ढककर रख दें.
अगले दिन आंवलों का कलर बदल जाएगा. इनकी गुठलियां निकाल कर अलग कर लें. जड़ी बूटियों को छान कर पानी स्टोर करके रख लें.
अब ग्राइंडर जार में आंवला और जड़ी बूटियों का पानी डालकर पेस्ट बना लें और छान लें.
मीडियम आंच पर लोहे की कड़ाही में तिल का तेल डालकर गर्म करने के लिए रख दें. ध्यान रहे स्टील की कड़ाही का इस्तेमाल न करें.
तेल के गर्म होते ही इसमें घी डालकर गर्म करने के लिए रख दें.
अब आंवले का पेस्ट डालकर चलाते हुए पका लें. इसमें उबाल आने पर चीनी डालकर चलाते हुए गाढ़ा होने तक पका लें.
मिश्रण के गाढ़ा होने पर गैस बंद कर दें और 4-5 घंटों के लिए ढककर रख दें. 
अब ग्राइंडर जार में छोटी इलायची छीलकर, पिप्पली, बंशलोचन, दालचीनी, तेजपत्र, नागकेशर को पीस लें.
इस पाउडर को शहद और केसर में मिलाकर आंवले के मिश्रण में मिला दें. तैयार च्यवनप्राश को कांच के कंटेनर में भरकर रख दें.
रोजाना रात में एक चम्मच च्यवनप्राश का सेवन दूध के साथ करने से इम्युनिटी बढ़ती है. 

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