Chandigarh Protests Alert: कल चंड़ीगढ़ में दो जगह आंदोलन, किसानों रैली और पीयू बचाओ मोर्चा के बंद का आहवान

Punjab University Protest: पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में चला आंदोलन अभी जारी है. हाल के दिनों में इसका बड़ा रूप देखने को मिल सकता है. पीयू…

Punjab University Protest:

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में चला आंदोलन अभी जारी है. हाल के दिनों में इसका बड़ा रूप देखने को मिल सकता है. पीयू बचाओ मोर्चा की ओर से बुधवार को किसी भी हाल में परीक्षा नहीं होने का एलान किया है. मोर्चे ने गेट नंबर एक और दो दोनों पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे. मोर्चा ने आज शाम को बैरीकेडिंग को हटाने की भी घोषणा की है. इसके साथ ट्राईसिटी में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) अपने आंदोलन की 5वीं वर्षगांठ पर विशाल मार्च निकालने की घोषणा की है.

Farmers Rally: सेक्टर-43 के दशहरा ग्राउंड में किसानों का प्रदर्शन-

इन दोनों प्रदर्शनों के होने से शहर में भीड़, जाम और सुरक्षा चुनौतियां बढ़ने की आशंका है. पुलिस ने किसान संगठनों को सेक्टर-43 के दशहरा ग्राउंड में शांतिपूर्ण रैली करने की अनुमति दी है. पुलिस के अनुसार देशभर के 30 से अधिक किसान संगठनों से जुड़े करीब 10,000 प्रदर्शनकारी पंजाब, हरियाणा और आसपास के राज्यों से चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं.

पीयू में पूर्ण बंद का आह्वान-

पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने 26 नवंबर को पीयू में पूर्ण बंद का आह्वान किया है. पीयू की छात्रा व प्रदर्शनकारी, मानिका (पीएसयू ललकार) ने बताया 26 नवंबर को पीयू के सभी गेट, प्रशासनिक भवन, स्टूडेंट सेंटर और मार्केट बंद रहेंगे. यह हमारी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध है. कुलपति प्रो. विग ने स्पष्ट किया कि 26 नवंबर को विश्वविद्यालय में कार्य दिवस रहेगा और सभी शिक्षक, विभागाध्यक्ष सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक विभागों में उपस्थित रहें. कुलपति ने विद्यार्थियों से मिले फीडबैक का हवाला देते हुए कहा कि बहुत बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं. प्रो. विग ने सभी विभागों को अपने कार्यक्रमों को प्रचारित करने के निर्देश दिए.

3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात-

एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया संघों द्वारा अनुमति मांगे जाने पर हमने उन्हें सेक्टर-43 में स्थान उपलब्ध कराया है. शहर में 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे.
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि रैली का उद्देश्य एसकेएम आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ को चिह्नित करना, एमएसपी की कानूनी गारंटी, दर्ज मामलों की वापसी, एवं आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा जैसी लंबित मांगों को दोहराना है.

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