CGC University, Mohali:
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने प्रबंधन शिक्षा को उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करते हुए एमबीए प्लस नामक इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड लीडरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस विशेष कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ प्राइड प्लाजा होटल, एयरोसिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया, जिसमें कई वरिष्ठ कॉर्पोरेट लीडर्स और उद्योग विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के संस्थापक कुलाधिपति स रशपाल सिंह धालीवाल जी, प्रबंध निदेशक अर्श धालीवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष सुशील पराशर और एचआर सक्सेस टॉक के सीईओ गोविंद नेगी की मौजूदगी में हुआ। इस पहल में एचआर सक्सेस टॉक इंडस्ट्री कोलैबोरेशन पार्टनर के रूप में जुड़ा है, जो कार्यक्रम के तहत छात्रों को कॉर्पोरेट मेंटर्स से जोड़ने में भूमिका निभाएगा।
एमबीए प्लस को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग के अनुभवी पेशेवरों से निरंतर मार्गदर्शन मिल सके। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक सेमेस्टर में एक इंडस्ट्री लीडर लगभग 15 छात्रों के समूह का मार्गदर्शन करेगा। दो वर्षों की अवधि में प्रत्येक छात्र को चार अलग-अलग उद्योग विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव और दृष्टिकोण समझने का मौका मिलेगा।
इस कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा “एक्जीक्यूटिव मेंटरशिप काउंसिल” है, जिसके माध्यम से वरिष्ठ कॉर्पोरेट लीडर्स छात्रों के साथ नियमित संवाद करेंगे। इन सत्रों में बोर्डरूम डिस्कशन, रणनीतिक सिमुलेशन और लाइव केस स्टडी के जरिए छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों को समझने का अवसर दिया जाएगा।
इसके साथ ही “लाइव एंटरप्राइज इंटरैक्शन” के तहत छात्र वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों पर काम करेंगे, जिनमें रणनीति निर्माण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन, बाजार विस्तार, वित्तीय विश्लेषण और संचालन सुधार जैसे विषय शामिल होंगे। कार्यक्रम में एप्लाइड केस और डिसीजन लैब भी शामिल है, जहां छात्र व्यावसायिक निर्णय-निर्माण, बातचीत कौशल और रणनीतिक सोच को व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से विकसित करेंगे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए स रशपाल सिंह धालीवाल जी ने कहा कि आज के दौर में उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और सक्षम नेतृत्व तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को वास्तविक उद्योग अनुभव से जोड़ते हैं। इसी संदर्भ में प्रबंध निदेशक, अर्श धालीवाल ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जोड़ना समय की आवश्यकता है और एमबीए प्लस छात्रों को कॉर्पोरेट दुनिया की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर देगा।
इसके साथ ही कार्यकारी उपाध्यक्ष सुशील पराशर ने कहा कि यह कार्यक्रम अकादमिक शिक्षा और उद्योग अनुभव का संतुलित संयोजन है, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता विकसित होगी। वहीं गोविंद नेगी जी ने कहा कि उद्योग और शिक्षा के बीच निरंतर सहयोग से ही सक्षम मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स तैयार किए जा सकते हैं और यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में लंबी अवधि की इंटर्नशिप, कंसल्टिंग असाइनमेंट और इंडस्ट्री-प्रायोजित प्रोजेक्ट भी शामिल किए गए हैं, ताकि छात्र पढ़ाई के दौरान ही कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली से परिचित हो सकें।
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली प्रशासन के अनुसार, एमबीए प्लस का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक नेतृत्व क्षमता, निर्णय-निर्माण कौशल और उद्योग की वास्तविक समझ से सशक्त बनाना है। यह पहल शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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