मान सरकार बाबा साहिब के रास्ते पर चल रही है, अनदेखी की राजनीति नहीं कर रही: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ / नंगल, 19 अप्रैल पंजाब के वित्त, परिवहन, कर और आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व…

Bhagwant Mann Govt walking on Babasaheb’s path, not politics of neglect: Harpal Singh Cheema

चंडीगढ़ / नंगल, 19 अप्रैल

पंजाब के वित्त, परिवहन, कर और आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के तुरंत बाद हर सरकारी कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहिब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीरें लगाई गईं। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब नए मानक स्थापित कर रहे हैं, जबकि विकास ग्रांटें जमीनी स्तर पर गांवों तक पहुंच रही हैं।

नंगल के स्कूल ऑफ एमिनेंस में डॉ. बी.आर. अंबेडकर के 135वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित ‘शिक्षा संकल्प कार्यक्रम’ को संबोधित करते हुए, बाबा साहिब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने शिक्षा के उच्चतम स्तर को प्राप्त किया, जिनके पास चार पीएचडी सहित 32 डिग्रियां थीं, और उन्होंने हमेशा शिक्षा के प्रसार के लिए काम किया। आज का समाज उनकी दूरदर्शी सोच का ही प्रतिबिंब है।”

उन्होंने कहा, “राज्यपाल द्वारा ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026’ पर हस्ताक्षर करने से गुरु साहिब की बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा देने का रास्ता साफ हो गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “गुरु रविदास बाणी सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जहां 700 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे राज्य में श्रद्धा और बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।”

विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “श्री आनंदपुर साहिब हलके को पंजाब में सबसे अधिक विकास फंड मिले हैं। यह हलका राज्य में सबसे अधिक ग्रांट प्राप्त करने वाला तीसरा हलका भी है, जहां पुलों, सड़कों, स्कूलों और विभिन्न विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है।”

शिक्षा सुधारों पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, “आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। पंजाब के इतिहास में पहली बार शिक्षा बजट में कई गुना वृद्धि की गई है और सरकारी स्कूलों की सूरत बदली गई है। अकेले श्री आनंदपुर साहिब हलके में ही स्कूलों के विकास, आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और अन्य सुविधाओं के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।”

कल्याणकारी उपायों और सामाजिक न्याय के बारे में बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं के लिए ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। लोगों को अपने वोट के अधिकार और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहना चाहिए। बाबा साहिब अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलते हुए पंजाब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में बड़े कदम उठा रही है। पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य है जहां आम आदमी पार्टी की सरकार ने एडवोकेट जनरल कार्यालय में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण लागू किया है, और आज लगभग 60 कानून अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।”

इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मेरा पूरा जीवन यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। समाज को बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर की अनमोल देन समानता और शिक्षा का अधिकार है।”

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को उजागर करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब सरकार शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है और सरकारी स्कूलों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। आज सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए सिफारिशें आ रही हैं और इनके विद्यार्थी जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे यह साबित होता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर विद्यार्थी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए आयोजित नहीं किया गया, बल्कि बाबा साहिब की विचारधारा को अपनाने और शिक्षा के माध्यम से समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया, जिससे अन्य बच्चों को प्रेरणा मिलेगी। शिक्षा ही एक ऐसा हथियार है जो समाज में वास्तविक परिवर्तन ला सकता है।”

हलके के लिए ग्रांटों की घोषणा करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “विभिन्न गांवों और संस्थाओं के लिए ग्रांट स्वीकृत की गई हैं, जिनमें चंदेसर के लिए 5 लाख रुपये, बीकापुर लोअर के लिए 10 लाख रुपये, बसोवाल एस.सी. धर्मशाला के लिए 10 लाख रुपये, लोधीपुर बास बरोतू के लिए 5 लाख रुपये, कुटिया बाबा जमना दास अजौली ब्रह्मपुर के लिए 5 लाख रुपये, डाढ़ी के लिए 5 लाख रुपये, मियांपुर हंडूर के लिए 5 लाख रुपये, अवानकोट लोअर के लिए 5 लाख रुपये, और श्री आनंदपुर साहिब की डॉ. भीमराव अंबेडकर सेवा सोसायटी के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर ग्रांट के तहत 1 लाख रुपये शामिल हैं। यह वित्तीय सहायता क्षेत्र में विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगी।”

इस अवसर पर डॉ. संजीव गौतम, जिला प्रधान कमीकऱ सिंह डाढ़ी (संगठनात्मक हलका कोऑर्डिनेटर), दलीप हंस (सदस्य, दलित बोर्ड पंजाब), डॉ. जे.एस. काहलों, दीपक सोनी (हलका कोऑर्डिनेटर), काला बाबा जमना दास कुटिया और सेवानिवृत्त प्रिंसिपल बलदेव ने भी बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और योगदान पर अपने विचार साझा किए।

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