रेवाड़ी की आशा ने 6 दिन में 2 महाद्वीपों की चोटियां फतह कर फहराया तिरंगा , बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का दिया संदेश

रेवाड़ी , 3 सितबंर रेवाड़ी पुलिस लाइन निवासी 48 वर्षीय आशा झांझडीया ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने छह दिन…

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रेवाड़ी , 3 सितबंर

रेवाड़ी पुलिस लाइन निवासी 48 वर्षीय आशा झांझडीया ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने छह दिन के अभियान में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस और अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक पहुंचकर तिरंगा फहराया।

आशा झांझडीया ने 21 अगस्त को सुबह 9:07 बजे 5,642 मीटर ऊंची माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर तिरंगा फहराया। इसके बाद 29 अगस्त को सुबह 5:31 बजे 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो की उहुरू पीक पर पहुंचकर तिरंगा लहराया। दोनों चोटियों पर उन्होंने बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया।

आशा झांझडीया के पति अजय ताखर हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। उनकी बेटी डॉक्टर और बेटा इंजीनियर हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ पर्वतारोहण के अपने शौक को जारी रखते हुए उन्होंने यह सफलता हासिल की है।

आशा झांझडीया ने वर्ष 2017 में 39 वर्ष की उम्र में अपने पहले प्रयास में चीन-तिब्बत की ओर से माउंट एवरेस्ट का सफल आरोहण किया था। वह पिछले 27 वर्षों से राजस्थान सरकार में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। एवरेस्ट, एल्ब्रुस और किलिमंजारो फतह करने के बाद अब उनका लक्ष्य सेवन समिट्स मिशन 2026-27’ पूरा करना है।

इसके तहत वह सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना चाहती हैं। पर्वतारोहण के साथ आशा झांझडीया एयर पिस्टल शूटिंग में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने मास्टर्स महिला वर्ग में चार स्वर्ण और तीन कांस्य पदक जीते थे। उनकी इस उपलब्धि से रेवाड़ी में खुशी है और वह महिलाओं व युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं।

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