UK-India Trade: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) लंदन में दो दिवतीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो कई मायनों में ऐतिहासिक है. इस यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होंगे, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों में नई ऊंचाइयां हासिल होंगी. यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और व्यापार को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
लंदन पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने एक ट्वीट में लिखा, “इस दौरे से भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी. हमारा लक्ष्य है समृद्धि को बढ़ावा देना, विकास को गति देना और लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाना. भारत-ब्रिटेन की मजबूत दोस्ती वैश्विक प्रगति के लिए आवश्यक है।”
ब्रिटेन की सरकार ने किया स्वागत
लंदन एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत यूके की इंडो-पैसिफिक मामलों की विदेश मंत्री कैथरीन वेस्ट ने किया. उनके साथ भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून और यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी भी मौजूद थे.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाला ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) ब्रिटेन के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के लिहाज से एक बड़ी जीत है. इस समझौते से कपड़े, जूते और खाद्य उत्पाद सस्ते हो जाएंगे क्योंकि इन पर लगने वाले टैक्स (टैरिफ) में कटौती की जाएगी.
FTA से किसे कितना फायदा?
प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुरुवार को अपने सरकारी निवास चेकर्स में होने वाली द्विपक्षीय वार्ता से पहले जारी एक बयान में स्टार्मर ने कहा कि करीब 6 बिलियन पाउंड (लगभग 63,000 करोड़ रुपये) के निवेश और व्यापारिक सौदों पर सहमति बनी है. इसमें भारतीय कंपनियों का ब्रिटेन में विस्तार और ब्रिटिश कंपनियों का भारत में नए मौके हासिल करना शामिल है.
दोनों नेता एक नई व्यापक और रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive and Strategic Partnership) पर भी साइन करेंगे, जिसमें रक्षा, शिक्षा, जलवायु, तकनीक और इनोवेशन पर सहयोग को और मजबूत किया जाएगा.
ब्रिटेन के बिजनेस एंड ट्रेड विभाग के मुताबिक, भारत में ब्रिटिश उत्पादों पर औसतन 15% का टैक्स घटकर सिर्फ 3% रह जाएगा. ब्रिटेन से सॉफ्ट ड्रिंक, कॉस्मेटिक, कार, मेडिकल उपकरण जैसी चीजें भारत भेजना आसान होगा. व्हिस्की पर टैरिफ 150% से घटकर पहले 75%, फिर 10 साल में 40% तक आ जाएगा. इससे ब्रिटिश शराब निर्माताओं को बड़ा फायदा मिलेगा. भारत-ब्रिटेन कुल व्यापार में 39% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, यानी 2040 तक 25.5 बिलियन पाउंड का इजाफा.
खबरो के लिए जुड़े रहिए Living India News के साथ 24/7 live




