एम्स, देश का सबसे बड़ा अस्पताल जहां पर दुनिया भर से लोग इलाज करवाने आते है। लेकिन अगर आप भी अपना इलाज इस अस्पताल में करवाने का सोच रहे है तो मत जाना क्योंकि एम्स में बेड नही है। जी हां बिहार पुलिस कांस्टेबल विपिन कुमार की मौत इसलिए हो गई क्योंकि एम्स ने उसका इलाज करने से मना कर दिया, जवाब था बेड नहीं है, कहीं और ले जाओ। परिवार विपिन कुमार को लेकर इधर-उधर भटकता रहा। दिल्ली के तीन-चार और अस्पताल वालों ने भी इलाज नहीं किया। जिसके चलते विपिन कुमार की मौत हो गई।
मृतक कांस्टेबल के चार बच्चे हैं, 3 बेटी और एक बेटा। विपिन की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है ।
आपको बता दे भागलपुर जेल से सीतामढ़ी कोर्ट जाते हुए 15 अप्रैल 2017 को एक दुर्घटना में एक नक्सली समेत 7 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी जिसमे से विपिन कुमार यादव बुरी तरह घायल हो गए थें। बिहार में इलाज के दौरान डॉक्टर्स नें उन्हें एम्स के लिए रेफर कर दिया। लेकिन अफसोस दिल्ली में ईलाज के बजाए उनके परिवार को अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े जिससे विपिन की जान चली गई।

