नूंह, 27 जुलाई
नूंह के शहीद राजा हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक चार वर्षीय बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की टीम ने संक्रमण से प्रभावित पैर की बजाय उसके स्वस्थ पैर का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का कहना है कि गलती का पता चलने के बाद बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर ले जाकर संक्रमित पैर की सर्जरी की गई।
गांव मेवली निवासी आरिफ ने मेडिकल कॉलेज के निदेशक को दी लिखित शिकायत में बताया कि उनके चार वर्षीय बेटे साद के बाएं पैर में संक्रमण, सूजन और मवाद की समस्या थी। वह 20 जुलाई को बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने और हड्डी रोग विभाग में परामर्श लेने की सलाह दी।शिकायत के अनुसार, 23 जुलाई को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर बच्चे को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया।
आरिफ का आरोप है कि उन्होंने ऑपरेशन से पहले डॉक्टर पवन और उनकी टीम को स्पष्ट रूप से बताया था कि संक्रमण बाएं पैर में है। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान कथित तौर पर दाएं, स्वस्थ पैर पर सर्जरी कर दी गई।परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जब बच्चे को वार्ड में लाया गया तो उन्होंने देखा कि जिस पैर में कोई संक्रमण नहीं था, उसी पर ऑपरेशन किया गया है। इस पर उन्होंने अस्पताल में विरोध जताया।आरोप है कि इसके बाद डॉक्टरों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर इस बार संक्रमित बाएं पैर का ऑपरेशन किया।
पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले को गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए डॉक्टर पवन और उनकी टीम के खिलाफ FIR दर्ज करने, विभागीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के निदेशक को लिखित शिकायत सौंप दी गई है।
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