Himachal College Student Harassment Accused Statement:
हिमाचल के धर्माशाला में राजकीय महाविद्यालय की छात्रा की मौत मामला में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है. विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसर (Himachal College Student Harassment) को निलंबित कर दिया है. इस पर निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) शनिवार को पहली बार मीडिया के सामने आए. इस दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें निराधार बताया.

असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा कि छात्रा द्वारा जो भी नाम लिए गए हैं. वे किस मंशा से लिए गए और क्यों लिए गए, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी भी दो बेटियां हैं, जो संभवत मृतक छात्रा से उम्र में बड़ी हैं. अगर उन्होंने कभी इस तरह की कोई घिनौनी हरकत की होती, तो वे ईश्वर से यही प्रार्थना करेंगे कि उन्हें यहां से उठा लिया जाए.
निष्पक्ष जांच से मिलेगा न्याय-
मृतक छात्रा के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रदेश सरकार द्वारा किए गए निलंबन पर भी असिस्टेंट प्रोफेसर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर उनके निलंबन से मामले की निष्पक्ष जांच होती है, दिवंगत आत्मा को न्याय मिलता है. उन्हें भी न्याय मिलता है, तो वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे और पुलिस जो भी निर्देश देगी, उसका पालन करेंगे. रैगिंग के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा कॉलेज है और यहां रैगिंग जैसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाती है.
Himachal College Student Harassment, क्या है पूरा मामला?
गवर्नमैंट कॉलेज धर्मशाला में बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा पल्लवी पुत्री विक्रम सिंह की मौत ने पूरे शिक्षा जगत को कटघरे में खड़ा कर किया. आरोपों के मुताबिक छात्रा के साथ कॉलेज में प्रताड़ना और रैगिंग जैसी घटनाएं हुई थीं. शिक्षा सचिव राकेश कंवर (आईएएस) ने मामले का संज्ञान लेते हुए निलंबन आदेश जारी किए हैं. आदेश के अनुसार असिस्टैंट प्रोफैसर अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पैंड कर दिया गया है. सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़कर कहीं नहीं जा सकेंगे.



