HC on Indore Water Deaths:
इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत (Indore Water Deaths) हो चुकी है. इसके अलावा 200 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. बड़ी संख्या में अन्य लोग भी उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायत के साथ इलाज करा रहे हैं. इसके अलावा मामले में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कलेक्टर और निगम आयुक्त को नोटिस जारी किया है.
Indore Water Deaths- 68 वर्षीय गीताबाई की मौत-
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह भागीरथपुरा क्षेत्र में रहने वाली 68 वर्षीय गीताबाई ध्रुवकर की मौत हो गई. उन्हें 24 दिसंबर को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पति राजू के अनुसार, गीताबाई को दो दिनों से लगातार उल्टी और दस्त हो रहे थे और घर पर ही लगभग 50 बार उल्टी हो चुकी थी. एमवाय अस्पताल में भर्ती करने के बाद भी गीताबाई की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. इसके बाद परिजन उन्हें अरबिंदो अस्पताल ले गए. वहां भी हालत गंभीर बनी रही. स्थिति बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
हाई कोर्ट में पहले ही दो जनहित याचिकाएं दायर-
मामले में 31 दिसंबर को हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं. पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी ने, दूसरी पूर्व पार्षद महेश गर्ग और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने दायर की गई थी. जिसमें 31 दिसंबर को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम को अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे. इन्हीं आदेशों के पालन में आज 2 जनवरी को नगर निगम की ओर से स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की गई.
निगम आयुक्त को नोटिस जारी-
गुरुवार को इस मामले में एक तीसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट में दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को नोटिस जारी किए हैं. इस पर अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी. जबकि पहले से दायर दो जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है.



