Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में ओवरएज वाहन (NO FUEL FOR OLD AGE VEHICLE POLICY) चलाने वाले हजारों वाहन चालकों को अस्थायी राहत देते हुए, दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को पत्र लिखकर कहा है कि तकनीकी चुनौतियों और जटिल प्रणालियों के कारण ऐसे वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है.
राजधानी में 1 जुलाई 2025 से लागू हुए CAQM के आदेश को लेकर अब रेखा गुप्ता सरकार बैकफुट पर आ गई है. नियम लागू करने के महज तीन दिन बाद ही सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा. अब दिल्ली सरकार ने CAQM से इसको तुरंत अमल में लाने से पहले मंथन करने का आग्रह किया है और इस आदेश को फिलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया है. वहीं इसको लेकर आम आदमी पार्टी रेखा गुप्ता सरकार को घेर रही है.
ओवरएज वाहन चलाने वाले हजारों वाहन चालकों को अस्थायी राहत देते हुए, दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को पत्र लिखकर कहा है कि तकनीकी चुनौतियों और जटिल प्रणालियों के कारण ऐसे वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस कदम से लोगों में असंतोष है और सरकार उनके साथ खड़ी है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने सुझाव दिया है कि यह प्रतिबंध पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिक आयु वाले वाहनों के लिए ‘कड़े मानदंड’ तय करने के लिए पिछली AAP सरकार की आलोचना की.
दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई से, जीवन-काल समाप्त हो चुके वाहनों के लिए ईंधन पर प्रतिबंध लगा दिया था. 10 साल या उससे अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल या उससे अधिक पुराने पेट्रोल वाहन – जिनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है और जिन्हें न्यायालय के आदेश के अनुसार सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं है.
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस प्रतिबंध लागू होने के बाद ईंधन भरने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंचने वाले जीवन-काल समाप्त हो चुके वाहनों (ELV) को जब्त कर रही है. मंत्री ने CAQM को लिखे पत्र में आगे कहा कि यह प्रणाली EOL वाहनों की पहचान करने में असमर्थ है, जहां हाई सेक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेटों से संबंधित समस्याएं हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि, “इन मुद्दों को दिल्ली में लागू करने से पहले उचित परीक्षण और त्रुटि सुधार की आवश्यकता है.”
मंत्री ने पत्र में लिखा कि, “हम आयोग से दृढ़तापूर्वक आग्रह करते हैं कि वह निर्देश संख्या 89 के क्रियान्वयन को तत्काल प्रभाव से रोक दे, जब तक कि ANPR प्रणाली पूरे NCR में एकीकृत नहीं हो जाती. हमें विश्वास है कि दिल्ली सरकार के चल रहे बहुआयामी प्रयासों से वायु गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार होगा.”
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