Operation Sindoor: भारत ने आधी रात को पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया. जिन 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें पाकिस्तान के पंजाब का बहावलपुर भी शामिल है. यहां आतंकी कैंप जामा मस्जिद सुभान अल्लाह कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया है. बहावलपुर जैश के आतंकी सरगना मसूद अजहर का गृहनगर है.
इस बार न सिर्फ पीओके(POK) यानी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हवाई हमले किए गए, बल्कि भारत ने पाकिस्तान के पंजाब में आतंकियों का भी सफाया कर दिया. बालाकोट एयरस्ट्राइक 2019 में हुई थी, लेकिन 1971 के युद्ध के बाद यह पहली बार है जब भारत ने निर्विवाद सीमा के अंदर हमला किया है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में दो आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया गया है.
इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के F-16 और JF-17 लड़ाकू विमानों को मार गिराया. बड़ी बात ये है कि भारत ने पाकिस्तान के JF-17 जेट को आकाश मिसाइल से मार गिराया है.
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि निश्चित तौर पर ये भारत द्वारा बड़े इलाके पर की गई एयर स्ट्राइक है. बहावलपुर में भी एयर स्ट्राइक हुई है, यानी कार्रवाई पाकिस्तान के पंजाब में हो रही है. बहावलपुर में ही जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है. मिसाइल हमले में मसूद अजहर के साथ-साथ हाफिज सईद के आतंकी मदरसे को भी उड़ा दिया गया है. फैसलाबाद, मुदिरके, कोटली, मुजफ्फराबाद में बड़े आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए गए हैं.
शुरुआती रिपोर्ट्स में 70 आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. आपको बता दें कि बहावलपुर में ही पाकिस्तानी आतंकियों की फैक्ट्री है. आधी रात को हुए एयर स्ट्राइक में आतंकी मसूद अजहर का मदरसा तबाह कर दिया गया है. ये जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ है, जहां से आतंकियों को ट्रेनिंग देकर भारत में घुसपैठ के लिए मजबूर किया जाता था. दुनिया को दिखाने के लिए जैश के बहावलपुर मुख्यालय में चैरिटी का काम होने की बात कही गई थी, लेकिन हकीकत में यहीं से आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी.
बहावलपुर आतंकी मदरसे में जैश आतंकियों की भर्ती और फंड जुटाता था. इसके बाद आतंकियों को दूसरे स्तर की ट्रेनिंग के लिए पीओके भेजा जाता था. बताया जा रहा था कि भारतीय संसद पर हमला और पुलवामा हमले की साजिश भी बहावलपुर कैंप से ही रची गई थी. अब भारत ने आतंकियों की फैक्ट्री को उड़ाकर पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है.
भारत ने इन 9 आतंकी ठिकानों को उड़ाया
– बहावलपुर में जैश का मुख्यालय भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर है
– मुदिरके में लश्कर का कैंप सांबा के दूसरी तरफ 30 किलोमीटर दूर था
– गुलपुर नियंत्रण रेखा पर पुंछ-राजौरी से 35 किलोमीटर दूर है. पुंछ हमला यहीं से 20 अप्रैल 2023 को किया गया था
– लश्कर के कैंप को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 30 किलोमीटर अंदर उड़ा दिया गया है.
– बिलाल कैंप, लश्कर का लॉन्चपैड
– लश्कर का कोटली कैंप राजौरी के दूसरी तरफ नियंत्रण रेखा से 15 किलोमीटर दूर है
– बरनाला कैंप राजौरी के दूसरी तरफ नियंत्रण रेखा से 10 किलोमीटर अंदर है
– सरजाल कैंप (जेईएस कैंप अंतरराष्ट्रीय सीमा से 8 किलोमीटर अंदर है
– महमूना कैंप अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर अंदर है.
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