भूपेंद्र हुड्डा से मिलने पहुंचा भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल, की ये बड़ी मांग

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: किसानों के मुद्दों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं। किसान…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: किसानों के मुद्दों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं। किसान संगठन भी रोज अपने मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष से संपर्क साध रहे हैं। इसी कड़ी में कैथल से भारतीय किसान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल रणदीप सिंह आर्य, प्रदेश सचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता की अगुवाई में उनसे मुलाकात करने पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार किसान हितों की अनदेखी कर रही है। फसलों की ख़रीद में हजारों करोड़ के घोटाले हो रहे हैं। लेकिन जांच के नाम पर बस लीपापोती की जा रही है।
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प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि, कैथल सहकारी चीनी मिल में हजारों करोड़ का चिप घोटाला हुआ। पुलिस ने मौके से तोल में हेराफेरी करने वाली चिप भी कब्जे में ली। इसका मकसद सीरे के व्यापारी मनीष ग्रोवर और स्क्रेप व्यापारियों को फायदा पहुंचाना था। यूनियन ने बाकायदा इस मामले में एफआईआर भी दर्ज करवाई। लेकिन आज तक इस मामले में असली आरोपियों के ख़िलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भारतीय किसान संघ के नेताओं ने कहा कि. इसी तरह धान ख़रीद में भी 35 हजार मीट्रिक टन का घोटाला कागजों में ही साबित हो चुका है। अकेले करनाल में 12 हजार मीट्रिक टन का घोटाला हुआ है। बावजूद इसके अबतक किसी पर कोई कार्रवाही नहीं होना बताता है कि सरकार ख़ुद घोटाले को संरक्षण दे रही है। किसान संघ ने ये भी आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में बीजेपी सरकार बनी है जे-फार्म के नाम पर लगातार धांधली हो रही है। इसलिए जे-फार्म की जांच जरूरी है।
किसान नेताओं ने मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री उनकी तमाम मागों को विधानसभा में उठाएं। उन्होंने गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी करने की भी मांग की है।
किसान नेताओं का कहना है कि, भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के दौरान गन्ने के भाव में रिकॉर्ड 193 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी हुई थी। लेकिन बीजेपी के पहले और अबतक के दूसरे शासनकाल में 30 रुपये की मामूली बढ़ोत्तरी की गई है। जबकि इस दौरान किसान का गन्ने पर प्रति एकड़ का ख़र्च कई गुणा बढ़ गया है। इसलिए मौजूदा सरकार से किसानों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।  किसान नेताओं को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वो विधानसभा समेत हर मंच पर उनकी मांगों को उठाएंगे। सरकार को धान ख़रीद और चिप घोटाले समेत भ्रष्टाचार के तमाम मामलों की जांच करानी ही होगी, क्योंकि धान ख़रीद घोटाला सीधे तौर पर किसानों के साथ ठगी है।

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