दिल्ली: कर्ज से परेशान कई राज्यों के किसान दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे । इस प्रदर्शन में योगेंद्र यादव और सांसद धर्मवीर गांधी भी शामिल हुए। इसमें महाराष्ट्र से आये वो बच्चे भी शामिल हुए जिनके पिता कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर चुके हैं। बच्चों के हाथों में तख्तियां थी जिसमें लिखा था किसानों को कर्ज मुक्त करो, खुदकुशी से समस्या का हल नहीं।

इस दौरान किसानों ने ऐलान किया उसे कर्ज से मुक्त किया जाए नहीं तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। इस प्रदर्शन में आंद्धप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा समेत कई प्रदेशों के किसानों ने हिस्सा लिया।

किसान मुक्ति संसद की मंच से सभी किसानों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। कर्जमुक्ति, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना और GST से कृषि उपकरणों को बाहर रखने की भी मांग की गई।
आपको बतादें कि कर्ज के कारण पंजाब में भी कई किसान खुदकुशी कर चुके हैं। पंजाब के बरनाला, गुरदासपुर, मानसा, बठिंडा, फरीदकोट जैसे जिलों में किसानों की खुदकुशी का आंकड़ा ज्यादा है।
कैप्टन सरकार के चार महीने के कार्यकाल में बीजेपी कह रही है कि 129 किसान खुदकुशी कर चुके हैं जबकि सरकार 80 किसानों की खुदकुशी करने की बात को मान रही है।
हालांकि कैप्टन सरकार ने कर्जमाफी का ऐलान भी कर दिया है 15 सौ करोड़ रुपये का इसके लिए बजट भी दिया है लेकिन प्रदेश में किसानों की खुदकुशी का सिलसिला थम नहीं रहा ये भी चिंता का विषय है। हालांकि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल का कहना है कि सभी किसानों के कर्जमाफी का प्रोसेस जल्द पूरा किया जाएगा, कर्ज की समीक्षा के लिए बनी टी हक्क की कमेटी के साथ बैठक कर दो महीने तक सभी किसानों का कर्ज माफ होगा ये भी मनप्रीत बादल कह चुके हैं।




