रेवाड़ी : सरकारी कार्यालयों की हकीकत जाननी हो तो रेवाड़ी आईये। जहां दिन ढलने के साथ महफिल जवां होती जाती है और अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक नशे में डूब जाते हैं। देर तक जाम टकराने का दौर चलता है और किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती है। आपको हम बता रहे हैं रेवाड़ी के सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी आखिर काम कैसे करते हैं। इसके पहले आपको एक हकीकत बताना चाहेंगे कि जिला सचिवालय से लेकर दूसरे कार्यालयों के कर्मचारी दिन से ज्यादा शाम होने का इंतजार करते मिल जाएंगे। क्योंकि शाम होते ही जवां होती महफिल का मोह ना तो अधिकारी छोड़ पा रहे हैं और ना ही कर्मी।

हालात यह है कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी अपनी-अपनी कुर्सियों पर ही खुलेआम शराब पीते मिल जाएंगे। और इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। जिला सचिवालय के दूसरे तल पर बने चुनाव कार्यालय हों या तहसीलदार कार्यालय की। अधिकारी और कर्मचारी बेफिक्र होकर जाम से जाम टकरा रहे हैं। साफ पता चल रहा है कि अधिकारी हों या कर्मचारी उनके मन में किसी का खौफ नहीं है। जब सरकारी अस्पताल को ही मधुशाला बना दिया गया तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की काम करने में कितनी दिलचस्पी होगी।

