हरियाणा सरकार बनाएगी नए गोदाम, जल्द दूर होगी भंडारण की समस्या

चंडीगढ़, 25 अगस्त । हरियाणा (Haryana) में आने वाले चार सालों में विभिन्न एजेंसियों (agencies) द्वारा खरीदी गई फसलों के भंडारण (Storage) के लिए 31.10…

चंडीगढ़, 25 अगस्त । हरियाणा (Haryana) में आने वाले चार सालों में विभिन्न एजेंसियों (agencies) द्वारा खरीदी गई फसलों के भंडारण (Storage) के लिए 31.10 लाख मैट्रिक टन क्षमता के गोदाम (Godown), स्टील साइलो (steel silo) बनाए जाएंगे। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Deputy Chief Minister Dushyant Chautala) ने यह जानकारी दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खरीद एजेंसियों की कवर्ड क्षमता को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाने के लिए नए गोदामों और स्टील साइलो का निर्माण करने का फैसला लिया गया है।

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फसलों के भंडारण के लिए नए गोदाम बनाएगी सरकार

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रदेश की खरीद एजेंसियां, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food and Supplies Department), हैफेड (Hafed), हरियाणा स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन (Haryana State Warehousing Corporation) व भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India) केंद्रीय पूल के खदानों की खरीद करती है। इन सभी एजेंसियों के पास लगभग 90.74 लाख मैट्रिक टन कवर्ड भंडार क्षमता है। वहीं, दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इन खरीद एजेंसियों द्वारा प्रत्येक वर्ष करीब 70 से 80 लाख मैट्रिक टन गेहूं और 55 से 65 लाख मैट्रिक टन धान की खरीद की जाती है।

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इन एजेंसियों द्वारा बाजरा, मक्का आदि की भी खरीद की जाती है। बता दे कि इस बार 2021-22 के रबी सीजन के दौरान भारतीय खाद्य निगम सहित राज्य के अन्य खरीद एजेंसियों द्वारा 84.93 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। इस स्टॉक मे से 31 जुलाई 2021 तक 14.64 लाख मैट्रिक टन गेहूं का राज्य से उठान किया जा चुका है। भंडारण क्षमता (storage capacity) की कमी की वजह से कुछ खदानों को मंडी फड और शेड में रखा गया है। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 31.10 लाख मैट्रिक टन कवर्ड ए पोलिंथ क्षमता को गोदाम व स्टील साइलों में तब्दील करने की प्रक्रिया जारी है।

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