राम भरोसे पोषण पुनर्वास केंद्र ! मां के आने पर बच्चे को रात में ही कर देते हैं डिस्चार्ज !

पलवल, 21 अगस्त। स्थानीय नागरिक अस्पताल में  छोटे बच्चो के इलाज के लिए बने पोषण पुनर्वास केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के…

पलवल, 21 अगस्त। स्थानीय नागरिक अस्पताल में  छोटे बच्चो के इलाज के लिए बने पोषण पुनर्वास केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते छोटे बच्चे और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र में सुविधाओं के अभाव के चलते वहां भर्ती बच्चों के परिजन परेशान है।

पलवल के नागरिक अस्पताल में छोटे बच्चों के इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है, लेकिन केंद्र में सुविधाओं के अभाव और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के गलत रवैए के चलते अपने बच्चों का इलाज करा रहे परिजनों को यहां पर हर समय बेइज्जत होना पड़ रहा है। परिजन अपने बच्चों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के ताने तक सहन कर रहे हैं। दरअसल  केंद्र के अंदर सुविधाओं का टोटा है जिस वजह से छोटे बच्चों सहित परिजनों को परेशानियां झेलनी पड़ती है। गर्मी के समय में केवल पंखे के नीचे बच्चों का बुरा हाल हो जाता है, जबकि विभाग की ओर से वहां एसी लगवाया हुआ है।

बच्चों के परिजनों का कहना है कि पैसों के अभाव में मजबूरी में वे अपने बच्चों का यहां इलाज करवा रहे है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा उनके बच्चों की कोई देखरेख नहीं की जा रही है। यदि वह स्वास्थ्य कर्मचारियों से कुछ भी शिकायत करते हैं तो उनको ही उलटी बातें सुनाई जाती है। स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मनमर्जी के चलते किसी को भी रात के समय डिस्चार्ज कर देते है और शिकायत करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कहते हैं। ऐसे में अपने छोटे बच्चों के इलाज के लिए वह अपमान का घूंट पीकर रह जाते हैं। मोटी तनख्वाह पाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी गरीब लोगों का इलाज करना उसके ऊपर एहसान करना समझते हैं। केंद्र के अंदर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा समय पर बच्चों का चेकअप नहीं किया जा रहा है। रात नौ बजे के बाद कोई भी डॉक्टर केंद्र के अंदर मौजूद नहीं रहता है।

नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. लोकवीर ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच करेंगे। अस्पताल में सुविधाओं को लेकर वह सदैव तत्पर हैं और अगर इलाज में कोई भी लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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