Air Pollution Prevention: वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर के हालात बेहद कराब होते जा रहे हैं. कई इलाकों में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स इतना खराब हो गया है कि इनके कारण अस्थमा, ब्रॉनकाइटिस, लंग कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है.(Air Pollution Prevention masks)
ऐसे में अपने फेफड़ों का खास ध्यान रखने की जरूरत है. हवा में फैले इस प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय भी अपनाए जा रहे हैं. बढ़ते प्रदूषण के बीच इस चीज को लेकर काफी ज्यादा कंफ्यूजन देखा जा रहा है कि एयर-पॉल्यूशन मास्क कितने प्रकार के होते हैं और इनमें से कौन सा मास्क सबसे बेहतर माना जाता है.
आमतौर पर जो फेस मास्क मार्केट में बिकते हैं, उससे व्यक्ति का मुंह और नाक कवर होता है. मुंह और नाक, हमारे शरीर के दो ऐसे एरिया है जहां से बैक्टीरिया, वायरस और पार्टिकल्स का हमारे शरीर में घुसना काफी आसान हो जाता है.
N99 और N100 मास्क: N99 99% हवा में मौजूद कणों को फ़िल्टर करता है और N100 99.97% तक फ़िल्टर करता है. इनका इस्तेमाल बहुत अधिक प्रदूषित जगहों पर किया जाता है. N95 मास्क की तुलना में यह काफी अच्छे माने जाते हैं. लेकिन इनमें सांस लेना थोड़ा मुश्किल होता है, ऐसे में आप इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं कर सकते. यह हवा में ऑयल बेस्ड पार्टिकल्स को फिल्टर नहीं करते हैं.
P95 और R95 मास्क: P95 मास्क ऑयल बेस्ड पार्टिकल्स से आपको बचाते हैं, इससे ये नॉन-ऑयल और ऑयल बेस्ड पार्टिकल्स वाले वातावरण के लिए परफेक्ट माने जाते है, लेकिन इन्हें शॉर्ट टर्म के लिए उपयोग किया जा सकता है.
सर्जिकल और क्लॉथ मास्क: ये बेसिक सुरक्षा देते हैं लेकिन आम तौर पर PM2.5 जैसे महीन कणों के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं. ये आपके चेहरे पर अच्छे से फिट नहीं होते जिस कारण प्रदूषण के कण आसानी से आपके नाक और मुंह में जा सकते हैं. अधिक प्रदूषण वाले इलाकों में कपड़े वाले मास्क कोई काम नहीं आते हैं
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