ओवरटेक करते वक्त ट्रॉली से टकराया टैंकर, हाईवे पर कार पर पलटा, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

Accident News: अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल ले जा रहा एक टैंकर ट्रॉली से टकराने के बाद पलट गया. पलटा हुआ ये टैंकर एक परिवार के लिए…

Accident News: अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल ले जा रहा एक टैंकर ट्रॉली से टकराने के बाद पलट गया. पलटा हुआ ये टैंकर एक परिवार के लिए काल बन गया. दरअसल ओवरटेक करते वक्त एक ट्रॉली से टकराने के बाद यह टैंकर एक कार पर पलट गया. कार में सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, यह टैंकर राजस्थान के जोधपुर से श्रीडूंगरगढ़ जा रहा था. आज सुबह पांच बजे उदयरामसर बाइपास के पास देशनोक जाने वाले हाईवे पर पलट गई. टैंकर से रिसाव के कारण खतरा बढ़ता देख फायर ब्रिगेड को बुलाया गया और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद टैंकर को सीधा किया जा सका. हादसा चारभुजा थाना सर्किल के राजसमंद-गोमती फोरलेन (उदयपुर-बियावर हाईवे) पर मानसिंह का गुढ़ा में हुआ. सभी मृतक केलवाड़ा (राजसमंद) के रहने वाले थे.

चारों मृतक एक ही परिवार के थे
एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि हादसा आज (गुरुवार) सुबह करीब 8.15 बजे हुआ. क्रेटा कार में सवार एक ही परिवार के चार सदस्य सुबह उदयपुर से बेवर जा रहे थे. कार में दीनबंधु (32) पुत्र जगदीश उपाध्याय, पुरूषोत्तम उर्फ ​​पवन उपाध्याय (40) पुत्र जगदीश उपाध्याय, रेनुका उपाध्याय (34) पत्नी पुरूषोत्तम उपाध्याय, मनसुख देवी (68) पत्नी जगदीश उपाध्याय सवार थे. दीनबंधु और पुरूषोत्तम दोनो भाई थे. रेणुका पुरूषोत्तम की पत्नी थीं. मनसुख देवी दीनबंधु और पुरूषोत्तम की मां थीं.
कई घंटों की मशक्कत के बाद शवों को निकाला गया.

हादसे के बाद क्रेन बुलाकर टैंकर को सीधा कराया गया. टैंकर के नीचे दबी कार को निकालने के लिए सिविल डिफेंस टीम को भी बुलाया गया. क्षतिग्रस्त वाहनों के कारण हाईवे पर जाम लग गया. उन वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया. ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया और किसी को भी पास आने की इजाजत नहीं दी गई. मौके पर प्राइवेट क्रेन बुलाई गई लेकिन उसने हाथ खड़े कर दिए.

पुलिस ने अपने स्तर पर दो क्रेन और एक जेसीबी मशीन की व्यवस्था की और पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टैंकर को सीधा किया. टैंकर से रसायन फैलने के कारण आग लग गई, जिससे कार और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से झुलस गए. भीषण गर्मी और क्षति के कारण बचाव टीमों को शवों को निकालने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिसमें लगभग दो घंटे लग गए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *