हिसार, 27 अक्टूबर
जापान में आयोजित पैरा एशियन गेम्स 2026 में कोकिला कौशिक ने जूडो खेल में रजत पदक हासिल करके भारत देश का नाम रोशन किया है।कोकिला अब तक नैशनल लेवल पर 9 गोल्ड मेडल जीत चुकी है और कईं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी है। कोकिला लखनऊ के हजरतगंज में खेल प्रशिक्षण ले रही है। कोकिला के अनुसार बडी बहन से प्रेरित होकर उसने जूडो खेल शुरू किया था और आज उसने कई मेडल हासिल किए है। उसके अनुसार दिव्यांग बच्चे भी खेल में आगे बढ़ कर मेडल हासिल कर सकते है। उसके लिए मेहनत करने की जरूरत है। उसने कहा कि खिलाड़ियों को डोपिग से दूर रहना चाहिए।
पैरा जूडो में देश का नाम किया रोशन
कोकिला वर्ष 2024 में पेरिस पैरालंपिक में भारत की पहली बार पैरा जूडो टीम का हिस्सा बनी थीं। वर्ष 2022 में चीन में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। अगस्त 2025 में मिस्र में आयोजित जूडो में स्वर्ण पदक हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तीन पदक जीतने के साथ वह राष्ट्रीय स्पर्धाओं में 10 बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
52 किलो भारवर्ग में जीता पदक
हिसार के आजाद नगर में स्थित कम्यूनिटी सेंटर में आयोजित समारोह में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, शहरवासियों और ग्रामीणों ने उन्हें फूल मालाएं पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया। कोकिला ने महिलाओं की जे-2 कैटेगरी के 52 किलोग्राम भारवर्ग में पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मेहनत और लगन से जीता रजत पदक
जापान के नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाली हिसार के आजाद नगर निवासी पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक का सम्मान किया गया।दृष्टिबाधित होने के बावजूद कोकिला ने मेहनत,दृष्टिबाधित होने के बावजूद कोकिला ने मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। दिव्यांग एसोसिएशन से जुड़े अमित दिनोदिया ने बताया कि कोकिला की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की खिलाड़ी यी लियू को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
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