शिमला, 26 सितंबर
शिमला में 12वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आगाज हो गया है। तीन दिवसीय यह फिल्म महोत्सव विश्व और भारतीय सिनेमा का उत्सव मनाते हुए देश-विदेश के फिल्मकारों, अभिनेताओं, लेखकों और सिनेमा प्रेमियों को एक मंच पर लेकर आया है।महोत्सव का आयोजन गेयटी थिएटर में , शिमला में NFDC, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार और भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से किया जा रहा है।
महोत्सव में दिखाई जाएंगी शॉर्ट फिल्में, डॉक्यूमेंट्री, फीचर फिल्में
12वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शिमला में 33 देशों और भारत के 15 राज्यों की 96 शॉर्ट फिल्में प्रदर्शित होंगी।महोत्सव के निदेशक पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शिमला का उद्देश्य भारत और दुनिया भर के स्वतंत्र फिल्मकारों को एक मंच प्रदान करना तथा फिल्मकारों और दर्शकों के बीच सार्थक संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के अवसर उपलब्ध कराना है।महोत्सव में विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और सिनेमा परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाली शॉर्ट फिल्में, डॉक्यूमेंट्री, फीचर फिल्में, एनीमेशन फिल्में दिखाई जाएंगी।
आजकल शार्ट फिल्मों का दौर है- अभिनेता मनोज जोशी
महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर भारतीय सिनेमा की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही। लेखक-निर्देशक अमित राय, अभिनेता मनोज जोशी और अभिनेता शारिब हाशमी सेलिब्रिटी गेस्ट के रूप में महोत्सव में शामिल हुए और विशेष सत्रों के माध्यम से दर्शकों के साथ संवाद किया। मशहूर कॉमेडियन अभिनेता मनोज जोशी ने कहा कि आज शॉर्ट फिल्मों का दौर है और सोशल मीडिया के जरिए इन्हें बड़ा प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
कलाकर उतार-चढाव के बीच डटे रहे
युवा क्रिएटिव लोग समाज से जुड़े जरूरी विषयों पर फिल्में बना रहे हैं, जो देश की प्रतिभा को सामने लाने का काम कर रहा है। हिमाचल के उन कलाकारों को लेकर पूछे गए सवाल पर, जिन्हें अभी बड़ा मंच नहीं मिल पाया है, मनोज जोशी ने कहा कि भीड़ में आगे बढ़ने के लिए स्किल और टैलेंट के साथ तपस्या और धैर्य भी जरूरी है। उन्होंने कलाकारों को उतार-चढ़ाव के बीच डटे रहने और लगातार प्रयास करते रहने की सलाह दी।
विदेशी फिल्मों का भी होगा प्रदर्शन
तीन दिवसीय इस महोत्सव में ईरान, बुल्गारिया, आर्मेनिया, नेपाल, पुर्तगाल, कनाडा, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, रवांडा, युगांडा, इंडोनेशिया, यूक्रेन, स्पेन, ब्राजील सहित अन्य देशों की फिल्मों के साथ भारत के विभिन्न हिस्सों से चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। स्क्रीनिंग में हिंदी, अंग्रेजी, फारसी, पुर्तगाली, कोरियन, नेपाली, मराठी, तमिल, मलयालम, गुजराती, पंजाबी, बंगाली सहित कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं की फिल्में शामिल है।महोत्सव का समापन 27 सितंबर को शाम 5:00 बजे पुरस्कार समारोह के साथ होगा। जिसमें राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे।
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