दिल्ली, 24 सितंबर
दिल्ली में DTC बस चालकों और कर्मचारियों की हड़ताल 15 सितंबर से जारी है।कर्मचारियों की हड़ताल पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अब सख्त रूख अपनाया है। चीफ जस्टिस ने दिल्ली की सरकार से सवाल किया है कि जब सार्वजनिक परिवहन सेवा लगातार प्रभावित हो रही है, तो Essential Services Maintenance Act (ESMA) के प्रावधान क्यों नहीं लागू किए गए।सरकार ESMA को जल्द लागू करे।
96% बसें वापिस लौटी
DTC की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में बताया कि ड्राइवरों की कोई मान्यता प्राप्त यूनियन नहीं है। लोग व्हाट्सएप मैसेज के जरिए हड़ताल के लिए बुला रहे हैं। कोर्ट में पेश वकील ने कहा कि 96% बसें दोबारा से सेवा में आ गई है। ESMA लागू करने के लिए भी फाइल दिल्ली सरकार को भेज दी गई है।
विद्यार्थी से लेकर मरीज तक परेशान
याचिकाकर्ता द्वारा याचिका में कहा गया है कि हड़ताल से राजधानी के लाखों लोग प्रभावित हैं।स्कूल-कालेज जाने वाले विद्यार्थी से लेकर दिहाड़ी मजदूर, बुजुर्ग, मरीज,नौकरीपेशा वाले सभी लोग परेशान हैं।जो लोग सस्ती सार्वजिनक सेवाओं पर निर्भर मौजूद हैं, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
DMRC ने मेट्रो के बढ़ाए फेरे
बसों की हड़ताल का असर दिल्ली मेट्रो पर भी पड़ा है।यात्रियों की संख्या बढ़ने से DMRC ने अतिरिक्त ट्रिप लगाई।यात्रियों की संख्या ज्यादा होने पर ट्रोनों की संख्या भी बढ़ाई गई है। DMRC ने कहा है कि यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार ट्रिप बढ़ाए जाएंगे।
क्या हैं हड़ताली कर्मचारियों की मांगें?
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बेसिक DA बढ़ाने की मांग की है, जो 2 साल से CM ऑफिस में लंबित है।
बस डैमेज और दुर्घटना के समय लगने वाले जुर्माने को माफ करने की मांग
ड्राइवरों की मांग है कि बोनस और त्योहारों के समय छुट्टियां और डबल ड्यूटी के दौरान दोगना भुगतान मिले।
ड्राइवरों को अभी 862 रूपये प्रतिदिन मिलते हैं, जिसमें से ₹60 PF के कटते हैं। चालकों की मांग है कि 862 रूपये से बढ़ाकर 1500-2000 तक किया जाए।
ड्राइवरों को पेड लीव और मेडिकल कवर नहीं मिलता, चालकों की पूर्ण मेडिकल इंश्योरेंस की मांग है।
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